पानीपत: मामले की जांच-पड़ताल करती बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता।हरियाणा के पानीपत जिले में दो सगी नाबालिग बहनों के बाल विवाह का मामला आया है। एक चार बच्चों के पिता ने पहले उनकी मां को घर से बाहर निकाल दिया। अब वह अकेला बच्चों का खर्चा नहीं उठा पाया तो दो बड़ी नाबालिग बेटियों की शादी कर दी।13 साल की बेटी की शादी 22 वर्षीय लड़के से व 14 साल की बेटी की शादी 32 वर्षीय लड़के से की है। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब ब्याही हुई बेटियों में से एक ने बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता व अपनी मां से संपर्क किया।ससुराल में अपने साथ हो रहे अत्याचारों के बारे में बताया। जिसके बाद मां बेटी की ससुराल पहुंची और वहां से उसे बहाने से ले आई। यहां लाने के बाद वह बाल विवाह निषेध अधिकारी के पास गई। जहां उन्होंने लिखित में शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।मामले की जानकारी देती प्रोटेक्शन ऑफिसर रजनी गुप्ता।छोटी बेटी ने अपने और बड़ी बहन पर हो रहे अत्याचार के बारे में बतायाजानकारी देते हुए बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि उनके पास शिकायत 13 जुलाई को आई थी। एक मां ने बताया था कि करीब 6 साल पहले उसके पति ने मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया था। उसके दो बड़ी बेटियों और दो बेटों को पति ने ही रख लिया था।आरोपी पति ने 12 दिसंबर 2021 को उसकी दोनों बड़ी नाबालिग बेटियों की शादी कर दी। 14 वर्षीय बड़ी बेटी की शादी करनाल के एक गांव में की है। वहीं, 13 वर्षीय छोटी बेटी की शादी करनाल के दूसरे गांव में की है। लड़का पक्ष ताऊ-चाचा के परिवार हैं। इनमें से छोटी बेटी ने उससे संपर्क किया था।बताया था कि उसकी ससुराल में उसके साथ बहुत अत्याचार हो रहा है। उससे बहुत काम करवाया जाता है। इतना ही नहीं, वह गर्भवती हो गई थी। उसका पांच माह का गर्भपात भी करवाया गया है। जिससे वह बीमार हो गई। बीमार होने के बाद परिवार ने उसका इलाज भी नहीं करवाया।लगातार हालत बिगड़ते देख उसने मां को छुपके से इस बारे में सूचित किया। वहीं, बेटी ने यह भी बताया था कि उसकी बड़ी बहन की भी ससुराल में दुदर्शा हो रही है। उसका भी गर्भपात करवाया जा चुका है। मां बेटी की सुसराल पहुंची और उसे वहां से बहाने से ले आई।पिता और दादी ने दिया खर्चा न उठा पाने का हवालामामले की तहकीकात करते हुए अधिकारी रजनी गुप्ता ने लड़कियों के पिता, दादी समेत दोनों लड़के पक्ष को जांच में शामिल किया। जिसमें लड़कियों के पिता व दादी ने बयानों में बताया कि लड़कियों की मां 6 साल पहले किसी दूसरे व्यक्ति के साथ भाग गई थी। जिससे उसने दूसरी शादी भी कर ली है।उन्हें एक बेटा भी पैदा भी हुआ है। उसके जाने के बाद घर पर चार बच्चे थे। जिनकी देखभाल दादी करती थी। वह सुबह काम पर चला जाता था, शाम को लौटता था। ऐसे में उनकी सुरक्षा का भी ख्याल रहता था। दादी की पेंशन बच्चों की देखभाल में चली जाती थी।बच्चों का लगातार खर्चा बढ़ता देख दोनों बड़ी बेटियों की शादी कर दी। वहीं, छोटी बेटी के ससुरालियों ने भी अपने बयान दर्ज करवाए। लड़के ने बताया कि उसकी मां की तबीयत ठीक नहीं रहती है। मां को सास की दिक्कत है। घर का कामकाज करने के लिए बहू की जरुरत थी।इसलिए उन्होंने बिना उम्र जाने यह शादी की है। बड़ी बेटी की तरफ से उसका पति पेश हुआ। जिसके पास उम्र संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था। इसलिए उन्होंने कुछ समय मांगा है। अधिकारी रजनी गुप्ता ने करनाल बाल कल्याण समिति को बड़ी बेटी की सुरक्षा एवं सरंक्षण के लिए चिट्टी लिखी है।


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