धमतरी: सिकासेर दल अरसीकन्हार रेंज में विचरण कर रहा है।गरियाबंद से आए 3 टस्कर 4 महीने बाद वापस गरियाबंद लौट गए हैं। रविवार को सुबह 4 बजे तीनों हाथी पैरी नदी पार कर कुकदापोंड गांव की ओर बढ़ गए। 32 हाथियों का सिकासेर दल सीतानदी टाइगर रिजर्व के अरसीकन्हार रेंज में है। वन विभाग ने 15 गांव को अलर्ट किया है। ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने पर सख्ती से रोक लगाई है। करीब 3 साल से हाथियों का आने-जाने का सिलसिला चल रहा है। कहीं चंदा हाथी, तो कभी सिकासेर दल जिले में दस्तक देकर जंगलों में विचरण कर रहे है। इन हाथियों ने अब तक 6 लोगों की जान ले चुकी है।इनमें 5 मौतें इसी साल हुई है। वन विभाग लगातार हाथियों पर नजर रखे है। किसी भी हाथी का लोकेशन ट्रेस करने कॉलर आईडी नहीं लगा है, इसलिए वन विभाग की टीम को इनकी लोकेशन ढूंढने में ज्यादा परेशानी हो रही है। मल-मूत्र व पैरों के निशान के आधार पर ही हाथियों की निगरानी हो रही है। अच्छी बात यह भी है कि सभी हाथी सुरक्षित है।सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के एसडीओ बीके लकड़ा ने बताया कि सिकासेर दल अरसीकन्हार, संतबाहरा, खालगढ़, खल्लारी, बोईरगांव, गादुलबाहरा के आसपास विचरण कर रहा है। रविवार को इलाके में सुबह खबू तेज बारिश हुई, तो सभी हाथी जंगल की ओर चले गए। इस वजह उनकी निगरानी करने में टीम को परेशानी हुई। करीब 15 गांव में अलर्ट जारी किया है।पैरी नदी पार कर आगे बढ़े 3 टस्करदक्षिण सिंगपुर रेंज के अफसरों के मुताबिक 3 दंतैल हाथी रविवार सुबह पैरी नदी पार किया। गरियाबंद जिला में प्रवेश कर गया है। इसकी जानकारी गरियाबंद वन विभाग को दी गई है। कुकदापोंड, बरेठिनकोना, नागझर, पंचपेड़ी, विजयनगर के ग्रामीणों को सावधानी बरतने कहा है। तीनों टस्कर करीब एक महीने केरेगांव रेंज में मुरूमसिल्ली बांध के आसपास ही विचरण किया।


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