चंडीगढ़: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा।पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की फ्री बिजली पर सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस और अकाली दल ने आप सरकार के स्वघोषणा पत्र में दी शर्तें गिनाई हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले तो ऐसी कोई शर्त नहीं थी। अब पंजाबियों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया गया है। हालांकि पंजाब सरकार की तरफ से अभी इसको लेकर कोई सफाई नहीं दी गई है।यह हैं फ्री बिजली की शर्तेंपरिवार या घर में रहने वाला कोई इनकम टैक्स न देता हो।अगर भविष्य में इनकम टैक्स दायरे में आए तो खुद बिजली अफसर को सूचना देंगे।परिवार का कोई मेंबर न संवैधानिक पद पर रहा और न ही अब है।परिवार का कोई सदस्य मंत्री, सांसद, विधायक, नगर कौंसिल मेंबर, मेयर या जिला पंचायत चेयरमैन न रहा हो और न ही अब हो।परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो।परिवार की मासिक पेंशन 10 हजार रुपए या उससे ज्यादा नहीं है।परिवार में कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टेड अकाउंटेंट या आर्किटेक्ट नहीं है।बाजवा बोले- बिजली मिले न मिले, नया घोषणा पत्र मिल गयापंजाब विधानसभा में कांग्रेस के विपक्षी दल नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कोई भी यक्ति किसी विभाग का मौजूदा या पूर्व सरकारी कर्मचारी हो या इनकम टैक्स देता हो, उसे फ्री बिजली की सुविधा से बाहर रखा गया है। यह सीधी बात है कि पंजाब में सिर्फ कुछ परिवारों को इसका फायदा मिलेगा। पंजाबियों को फ्री बिजली मिले या न मिले लेकिन नया घोषणा पत्र जरूर मिल गया है।सियासी स्टंट फ्री बिजली, शर्तें क्यों ? : राजा वड़िंगपंजाब कांग्रेस चीफ राजा वड़िंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी की 600 यूनिट फ्री बिजली की गारंटी महज सियासी स्टंट साबित हुई। सरकार की हिदायतों के मुतताबिक जो भी परिवार इनकम टैक्स देता है, सरकारी पेंशन लेता है या सरकारी कर्मचारी है तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। आम आदमी पार्टी ने शर्तें लगाकर पंजाबियों से धोखा किया है। अब ऐसी शर्तें क्यों?।80% से ज्यादा परिवार बाहर हुए : अकाली दलसीनियर अकाली नेता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि सरकार की शर्तों से 80% परिवार फ्री बिजली सुविधा से बाहर हो गए। भगवंत मान की सरकार ने पंजाबियों से धोखा किया है। उन्होंने कहा कि यह हैरानीजनक है कि कुछ दिन पहले सीएम मान ने इस स्कीम से 51 लाख परिवारों को फायदा पहुंचने का दावा किया था। अब यह शर्तों वाला नोटिफिकेशन आ गया है। साफ है कि सीएम के सारे दावे खोखले और जमीनी हकीकत से दूर हैं।


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