पानीपत: देश के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा रविवार की सुबह करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए मैदान पर उतरेंगे। अमेरिका के यूजीन में चल रही विश्व एथलेटिक्स के फाइनल में वह स्वर्णिम निशाना लगा कर इतिहास रचना चाहेंगे।नीरज अगर पदक जीत लेते हैं तो वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष बन जाएंगे। उनसे पहले महिलाओं में दिग्गज एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में कांस्य पदक जीता था। प्रतियोगिता में नीरज ने अपने पहले ही प्रयास में 88.39 मीटर की दूरी तय की और फाइनल में जगह बनाई।टोक्यो ओलिंपिक के चैंपियन की फॉर्म को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक दिलाने वाले पहले पुरुष एथलीट बन सकते हैं। नीरज के अलावा भारत के रोहित यादव ने भी फाइनल में जगह बनाई है। रोहित ने 80.42 मीटर की दूरी तय की। उनसे भी देश को पदक की उम्मीद है।करियर का तीसरा बेस्ट थ्रो करके बनाई फाइनल में जगहप्रतियोगिता में 24 साल के नीरज के अलावा 34 अन्य एथलीट शामिल हुए थे। सभी को दो ग्रुप में रखा गया था। नीरज पहले ग्रुप में थे और रोहित को ग्रुप बी में रखा गया था। नीरज ने अपने करियर का तीसरा बेस्ट थ्रो करते हुए फाइनल में जगह बनाई है। नीरज और रोहित सहित कुल 12 खिलाड़ियों ने जैवलिन थ्रो के फाइनल में जगह बनाई है। चेक गणराज्य के जाकुब वादलेज्च ने भी पहली ही कोशिश में 85.23 मीटर दूर भाला फैंका।90 मीटर से महज 6 सेंटीमीटर से थे चूकेइस सीजन में नीरज चोपड़ा ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने दो बार अपना व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने 14 जून को फीनलैंड के पावो नूरमी में 89.30 मीटर भाला फैंका और स्टॉकहोम डायमंड लीग में 30 जून को 89.94 मीटर का प्रदर्शन किया। वह 90 मीटर से महज 6 सेंटीमीटर से चूक गए। उन्होंने फीनलैंड में कुओरताने में 86.69 मीटर के साथ खिताब जीता।


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