हरियाणा में घोषणाएं दौड़ीं:खिलाड़ी खड़े रह गए, खिलाड़ियों की डाइट मनी व 500 नई खेल नर्सरियों का इंतजार बरकरार – Athletes Were Left Waiting, And The Promised Diet Money And 500 New Sports Nurseries Remain Elusive In Haryana
हरियाणा सरकार प्रदेश की खेल नीति और खिलाड़ियों के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिले पदकों का जिक्र करते हुए अक्सर अपनी पीठ थपथपाती नजर आती है लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ और ही बयां करती है। करीब एक साल पहले खेल ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कोचों के मानदेय में वृद्धि, खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाने और 500 नई खेल नर्सरियां शुरू करने की तीन प्रमुख घोषणाएं की गई थीं मगर आज भी ये तीनों घोषणाएं फाइलों में ही दौड़ रही हैं। खेल विभाग के अधिकारी और खेल मंत्री बार-बार जल्द शुरू होने का भरोसा देते हैं, लेकिन खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
1500 में से 1000 निजी नर्सरियों के खिलाड़ी-कोच प्रभावित
अप्रैल 2025 से संचालित 1500 खेल नर्सरियों में से 500 सरकारी और 1000 निजी संस्थाओं व पंचायतों द्वारा संचालित हैं। निजी नर्सरियों के प्रशिक्षकों का बढ़ा हुआ वेतन और खिलाड़ियों की बढ़ी हुई डाइट मनी अभी तक जारी नहीं हो पाई है। प्रत्येक नर्सरी में औसतन 25 खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते हैं। इस आधार पर करीब 37,500 खिलाड़ियों की डाइट मनी प्रभावित हो रही है।
खिलाड़ियों की डाइट मनी में 500 रुपये बढ़ोतरी
वर्तमान नियमों के तहत 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह डाइट मनी दी जाती है। सरकार ने इसमें 500 रुपये की वृद्धि कर क्रमशः 2000 और 2500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की थी। हालांकि बढ़ी हुई राशि अब तक लागू नहीं हो सकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि देरी से उनके पोषण और प्रदर्शन दोनों पर असर पड़ रहा है।
गुरु द्रोण को मानदेय वृद्धि का इंतजार
कनिष्ठ प्रशिक्षकों का मानदेय 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये तथा वरिष्ठ प्रशिक्षकों का मानदेय 25 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये मासिक करने की घोषणा की गई थी। सोनीपत के कुश्ती कोच अजय मलिक के अनुसार, नए सत्र से बढ़े मानदेय का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इससे प्रशिक्षकों में असंतोष है।
500 नई खेल नर्सरियां अभी तक शुरू नहीं
सरकार ने सत्र 2024-25 से 500 नई खेल नर्सरियां शुरू करने की घोषणा की थी। इसके बाद कुल नर्सरियों की संख्या 2000 होनी थी लेकिन नई नर्सरियां अभी तक जमीनी स्तर पर शुरू नहीं हो सकी हैं। प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू के अनुसार, हर वर्ष निजी स्कूलों को नर्सरियां आवंटित होती थीं, लेकिन इस बार प्रक्रिया लंबित है।
फाइलों में अटकी प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक तीनों घोषणाओं से संबंधित फाइलें खेल विभाग, वित्त विभाग और सीएमओ सहित अन्य विभागों के बीच घूम रही हैं। बजट स्वीकृति में देरी, ट्रेजरी आपत्तियां, बैंक खातों से जुड़ी तकनीकी खामियां और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अड़चन बनी हुई हैं।
यह कहता है नियम
प्रदेश में 8 से 14 वर्षीय खिलाड़ियों को 1500 रुपये और 15 से 19 वर्षीय खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह डाइट मनी दी जाती है। इसमें देरी के कारण खिलाड़ियों के खेल और भारत के पदक के सपने दोनों को सीधी चोट पहुंच रही है।
अधिकारी के अनुसार
खेल और खिलाड़ियों को लेकर सरकार पूरी तरह सजग है। कोचों के बढ़े मानदेय और खिलाड़ियों की डाइट मनी जल्द जारी की जाएगी। प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। 500 नई खेल नर्सरियों को संचालित करने की विभागीय प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। -गौरव गौतम, खेल मंत्री हरियाणा।


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