त्योहारों और व्यस्त समय में फ्लाइट किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी स्वीकार्य नहीं, संसद की इस समिति ने जताई चिंता
त्योहारों और अधिक मांग वाले समय में हवाई किराये में बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के चेयरमैन के सी वेणुगोपाल ने ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि हवाई किराये में बेतहाशा वृद्धि किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। भाषा की खबर के मुताबिक, वेणुगोपाल ने विमानन नियामक डीजीसीए से फ्लाइट टिकट की दरों में इस तरह की बढ़ोतरी को कंट्रोल करने का भी आग्रह भी किया। बीते गुरुवार को संसदीय समिति के सदस्यों के साथ दिल्ली एयरपोर्ट का दौरा करने के बाद वेणुगोपाल ने एयरपोर्ट पर लिए जाने वाले उपयोगकर्ता विकास शुल्क (यूडीएफ) में बढ़ोतरी पर भी चिंता जताई।
मुद्दे की गहन जांच करेगी पीएसी
खबर के मुताबिक, पीएसी के चेयरमैन ने कहा कि संसदीय समिति इस मुद्दे की गहन जांच करेगी। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) के अलावा समिति के सदस्यों ने राष्ट्रीय राजधानी में खेड़की दौला टोल प्लाजा और द्वारका एक्सप्रेसवे का भी दौरा किया और संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत की। वेणुगोपाल ने एयरपोर्ट के दौरे के बाद कहा कि हवाई किराए में त्योहारों और अधिक मांग के दौरान अत्यधिक वृद्धि सही नहीं है। डीजीसीए को इसे नियंत्रित करना होगा। किराये में अत्यधिक वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए प्रावधान हैं।
विशेष रूप से यूडीएफ पर चर्चा
त्योहारों और व्यस्त समय में अधिक मांग के दौरान फ्लाइट किराये में भारी बढ़ोतरी को लेकर चिंता बनी हुई है। यूपीए शासन के दौरान नागर विमानन राज्य मंत्री रहे वेणुगोपाल ने कहा कि संसदीय समिति राष्ट्रीय राजमार्गों और हवाई अड्डों पर टोल, शुल्क और विशेष रूप से यूडीएफ पर चर्चा कर रही है, जो आम आदमी को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने जा रहे हैं। हम इन सभी चीजों की गहन जांच कर रहे हैं।
लगभग एक महीने पहले भी संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठक में आसमान छूते हवाई किराये और सरकारी एजेंसियों और नियामकों की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाने को लेकर चिंता जताई गई थी। कई सांसदों ने यात्रियों को राहत प्रदान करने के लिए निजी हवाईअड्डा संचालकों और विमानन कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की थी।
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