जयपुर: गो फर्स्ट की दिल्ली गुवाहाटी फ्लाइट की विंड शील्ड हवा में ही टूट गई। जिसके बाद फ्लाइट को दोपहर 2.55 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया। इस दौरान फ्लाइट में 169 यात्री थे। जयपुर एयरपोर्ट पर तकनीकी कर्मचारियों ने बड़ी मशक्कत कर विंड शील्ड को ठीक करने का प्रयास किया लेकिन टेक्निकल स्टाफ सफल नहीं हो सका। दो घंटे बाद मुंबई से दूसरी फ्लाइट जयपुर एयरपोर्ट बुलाई गई जिससे सभी 169 यात्रियों को गुवाहाटी भेजा गया। जानकारी के अनुसार रात 10 बजे तक जयपुर एयरपोर्ट पर गो फर्स्ट विमान संख्या G8-151 खड़ा है।आप को बता दें की यह फ्लाईट दोपहर 12.40 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से गुवाहाटी के लिए रवाना हुई थी। फ्लाई के उड़ने के कुछ ही देर बाद फ्लाइट का विंड शील्ड क्रैक हो गया। जिसके बाद पायलट फ्लाइट को लेकर दोबारा दिल्ली रवाना हुआ लेकिन दिल्ली में मौसम खराब होने कारण फ्लाईट को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। दिल्ली में मौसम खराब होने कारण जयपुर एयरपोर्ट पर बढ़ा ट्रैफिक पिछले 24 घंटे में दिल्ली का मौसम बदलता जा रहा है। जिसे देखते हुए कई फ्लाइटों को जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया जा रहा है। ऐसे में जयपुर एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 12 से अधिक फ्लाइट को डायवर्ट किया गया है।विंड शील्ड टूट जाती तो बड़ी घटना होतीएयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार फ्लाइट विंड शील्ड क्रैक हुई अगर यह टूट जाती तो बड़ी दुर्घटना हो जाती। शील्ड टूटने पर पायलट कॉकपिट में एयर प्रेशर बढ़ जाता। पायलट में एयर प्रेशर बढ़ाने से पायलट विमान से कंट्रोल हो खो बैठता। जिससे बड़ी घटना होने की पूरी सम्भावना हो जाती।जानकारों की मानें तो विंड शील्ड टूटने का कारण किसी बड़े पक्षी का विंड शील्ड से टकराना हो सकता है। कोई भी विमान चार फोर्स पर उड़ान भरता है। जिस में थ्रस्ट ड्रेग वेट और लिफ्ट काम करते हैं। इस में एक का भी बैलेंस बिगड़ने पर विमान का उड़ना सम्भव नहीं हैं। ऐसे में हवा का प्रेशर बढ़ने पर विमान का बैलेंस बिगड़ सकता था। इस में आग लग सकती थी ऑक्सीजन का स्तर बढ़ सकता था। यात्रियों को सांस लेने में तकलीफ आ सकती थी। लैंडिंग के वक्त विमान कंट्रोल बैलेंस खो सकता था।


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