Raksha Bandhan Muhurat 19 August 2024: भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस साल 19 अगस्त को धूमधाम से मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के दिन इस साल कई विशेष संयोग बन रहे हैं, जिनमें सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग, शोभन योग, रवि योग और विजय योग शामिल हैं। ये संयोग इस पर्व की महत्ता को और बढ़ा रहे हैं। हालांकि इस साल रक्षाबंधन पर सुबह से भद्रा का साया लग जाएगा जो कि दोपहर 1:25 बजे तक रहेगा, इस दौरान राखी बांधना वर्जित है।
पंडित ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन दोपहर 1:25 बजे के बाद से रात 12:28 बजे तक राखी बांधना शुभ रहेगा। दोपहर 1:25 बजे के बाद का समय सुरक्षित और शुभ है। 19 अगस्त को सूर्योदय 5 बजकर 35 मिनट पर होगा और श्रावण शुक्ल पूर्णिमा इसी दिन 2 बजकर 21 मिनट से प्रारंभ होकर रात 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। कुछ विद्वानों का मत है कि भद्रा का विचार करना चाहिए, लेकिन भद्रा चाहे स्वर्ग लोक में हो या पाताल लोक में, श्रावणी कर्म और रक्षाबंधन में इसका त्याग करना ही श्रेयस्कर है। इसलिए, भद्रा की स्थिति चाहे कहीं भी हो, रक्षाबंधन का पर्व भद्रा में नहीं मनाना चाहिए।
रक्षाबंधन के लिए भद्रा का हर तरह से करना चाहिए त्याग-
रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन दोपहर के बाद की तिथि ली जाती है, और अगर भद्रा का साया रहता है, तो उसका परित्याग करना चाहिए। भद्रा में श्रावणी और फाल्गुनी दोनों वर्जित हैं, क्योंकि इससे राजा और प्रजा दोनों को अनिष्ट हो सकता है।
राखी बांधने की विधि- भाई को राखी बांधने से पहले एक थाली में राखी, अक्षत, रोली, दीपक व मिठाई रखें। अब भाई को तिलक लगाएं और फिर राखी बांधें। बहनों को अपने भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधनी चाहिए।

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