सौरभ राजपूत हत्याकांड: मौत की सजा के बाद मुस्कान को साड़ी-सूट, साहिल को सफेद कुर्ता-पायजामा; जेल में बदली दिनचर्या
मेरठ: उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत से मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की जेल में दिनचर्या में बदलाव आया है। दोनों को अलग-अलग बैरक में रखा गया है। जेल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, मुस्कान को पहनने के लिए साड़ी और सूट दिया गया है, जबकि साहिल को सफेद कुर्ता-पायजामा उपलब्ध कराया गया है।
इस मामले में अदालत के फैसले के बाद दोनों की जेल में रहने की व्यवस्था और दैनिक गतिविधियां चर्चा में हैं। हालांकि, मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद भी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे अपील और अन्य न्यायिक विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
मुस्कान और साहिल को अलग-अलग बैरक में रखा गया
जेल प्रशासन की जानकारी के अनुसार, मुस्कान रस्तोगी को बैरक नंबर 12-बी में रखा गया है, जबकि साहिल शुक्ला बैरक नंबर 15 में रहेगा। दोनों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की गई है।
जेल में कैदियों की पहचान और उनकी निगरानी के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार व्यवस्था की जाती है। सौरभ राजपूत हत्याकांड में सजा सुनाए जाने के बाद दोनों की जेल में दिनचर्या भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।
मुस्कान को साड़ी-सूट, साहिल को सफेद कुर्ता-पायजामा
मिली जानकारी के मुताबिक, जेल में मुस्कान को पहनने के लिए नई साड़ी और सूट दिया गया है। वहीं, साहिल शुक्ला को सफेद कुर्ता-पायजामा उपलब्ध कराया गया है।
अदालत से मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद जेल में उनकी व्यवस्था को लेकर यह जानकारी सामने आई है। जेल में कपड़ों और अन्य जरूरी सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती हैं।
सजा से पहले मुस्कान के माता-पिता ने अदालत में दिया था लिखित बयान
रिपोर्ट के मुताबिक, सजा सुनाए जाने से पहले सुबह मुस्कान के माता-पिता ने अदालत में लिखित रूप से अपना पक्ष रखा था। बताया गया कि उन्होंने कहा था कि यदि उनकी बेटी को फांसी की सजा भी दी जाती है, तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।
यह बयान मामले की सुनवाई और सजा के ऐलान से पहले सामने आया था। हालांकि, अदालत का फैसला मामले में पेश किए गए साक्ष्यों, कानूनी दलीलों और लागू कानून के आधार पर होता है।
क्या है सौरभ राजपूत हत्याकांड?
मेरठ का सौरभ राजपूत हत्याकांड देशभर में चर्चा में रहा। इस मामले में सौरभ की हत्या और शव को छिपाने से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए थे। जांच और सुनवाई के दौरान मामला लगातार सुर्खियों में बना रहा।
अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद दोनों की जेल में व्यवस्था और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर चर्चा जारी है।
आगे क्या होगा?
मृत्युदंड के मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद भी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे न्यायिक समीक्षा और अपील के विकल्प हो सकते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित अदालतों के आदेश और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही आगे की कार्रवाई होती है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार मुस्कान और साहिल को मेरठ जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है और उनकी दिनचर्या जेल के नियमों के मुताबिक चल रही है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

