ग्रेटर नोएडा में 3 करोड़ की चोरी का खुलासा, iNotronics कंपनी से माल उड़ाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में iNotronics कंपनी से हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी का माल बरामद किया है। बरामद सामान में पीओएस (POS) मशीनें और एयरटेल के सेट-टॉप बॉक्स शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, चोरी किए गए सामान की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान बिलाल (26), निवासी गाजियाबाद, सलमान (32) और आदिल (26), निवासी बुलंदशहर के रूप में की है। मामले में चोरी के लिए इस्तेमाल किए गए एक छोटे हाथी वाहन को भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
9 अक्टूबर की रात हुई थी चोरी
पुलिस के मुताबिक, iNotronics कंपनी में चोरी की वारदात 9 अक्टूबर की देर रात हुई थी। चोर कंपनी से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में जुट गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई और चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन के बारे में भी सुराग तलाशे। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
गश्त और चेकिंग के दौरान मिली सूचना
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह के मुताबिक, बुधवार रात पुलिस टीम इलाके में गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कंपनी से चोरी किए गए सामान से जुड़े आरोपी इलाके में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी का सामान बरामद किया। बरामदगी में पीओएस मशीनें और एयरटेल के सेट-टॉप बॉक्स शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी के सामान को कहां ले जाने की योजना थी और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
कबाड़ी, फल विक्रेता और मजदूरी से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग काम करते हैं। बिलाल दसवीं पास है और कबाड़ी का काम करता है। सलमान ने दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की है और फेस-2 की फूलमंडी में फल बेचता है। आदिल पांचवीं तक पढ़ा है।
पुलिस आरोपियों की भूमिका, आपसी संपर्क और चोरी की योजना में उनकी भागीदारी की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कंपनी से चोरी किए गए सामान को बेचने या ठिकाने लगाने में किसी अन्य व्यक्ति ने मदद की थी या नहीं।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
ग्रेटर नोएडा पुलिस का कहना है कि मामले में बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और सामान की आवाजाही से जुड़ी जानकारी कैसे हासिल की।
करीब 3 करोड़ रुपये के सामान की चोरी के इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है। जांच पूरी होने के बाद ही चोरी की पूरी साजिश, सामान की बरामदगी और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

