UP Women Power Line 1090: फोन पर परेशान करने या सोशल मीडिया पर पीछा करने पर ऐसे करें शिकायत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए वुमन पावर लाइन-1090 अहम भूमिका निभा रही है। फोन पर परेशान करने, सोशल मीडिया पर पीछा करने, अश्लील संदेश भेजने या किसी अन्य माध्यम से प्रताड़ित किए जाने की स्थिति में महिलाएं इस हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसका उद्देश्य पीड़िता की शिकायत सुनना, उसे सहायता उपलब्ध कराना और आरोपी के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाना है।
महिलाओं को कई बार फोन कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया के जरिए परेशान किया जाता है। ऐसी स्थिति में शिकायत करने में झिझक या डर के कारण कई पीड़िताएं सामने नहीं आतीं। वुमन पावर लाइन-1090 ऐसी शिकायतों को दर्ज कराने और महिलाओं को सहायता देने का माध्यम है।
1090 पर किन मामलों में कर सकते हैं शिकायत?
वुमन पावर लाइन-1090 पर फोन के जरिए परेशान करने, बार-बार कॉल या मैसेज भेजने, सोशल मीडिया पर पीछा करने और ऑनलाइन माध्यम से प्रताड़ित करने जैसी शिकायतें की जा सकती हैं।
अगर कोई व्यक्ति किसी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध लगातार फोन करता है, आपत्तिजनक संदेश भेजता है या सोशल मीडिया पर परेशान करता है, तो पीड़िता 1090 पर कॉल कर अपनी समस्या बता सकती है। शिकायत के दौरान उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित टीम आगे की प्रक्रिया तय करती है।
कैसे काम करती है वुमन पावर लाइन?
शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम मामले की जानकारी जुटाती है और शिकायत की प्रकृति के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करती है। आरोपी को चेतावनी देने और शिकायत के समाधान की दिशा में कदम उठाने जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
अगर चेतावनी के बाद भी आरोपी अपनी हरकतें जारी रखता है, तो मामले को आगे बढ़ाया जा सकता है। जरूरत के अनुसार संबंधित पुलिस इकाई की मदद ली जा सकती है। हालांकि, हर मामले में कार्रवाई का तरीका शिकायत की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों पर निर्भर करता है।
रोजाना हजारों कॉल संभालने का दावा
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 150 सीटों की क्षमता वाला 1090 कॉल सेंटर प्रतिदिन लगभग 8,000 इनकमिंग और 10,000 आउटगोइंग कॉल संभालता है। इससे हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों और महिलाओं से संपर्क बनाए रखने की प्रक्रिया का अंदाजा मिलता है।
कॉल सेंटर का काम केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिकायत के समाधान की स्थिति जानना और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई के लिए जानकारी जुटाना भी इसका हिस्सा है।
चेतावनी के बाद भी परेशान करे आरोपी तो क्या होता है?
अगर आरोपी को चेतावनी देने के बाद भी शिकायतकर्ता को परेशान करने की बात सामने आती है, तो मामले को आगे की कार्रवाई के लिए बढ़ाया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया में एफएफआर यानी फैमिली, फ्रेंड्स एंड रिलेटिव्स से जुड़ा हस्तक्षेप भी शामिल हो सकता है। इसका उद्देश्य आरोपी पर सामाजिक दबाव बनाकर उत्पीड़न रोकने का प्रयास करना बताया जाता है।
यदि इसके बाद भी शिकायत का समाधान नहीं होता या मामला गंभीर होता है, तो संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका अहम हो सकती है। कार्रवाई शिकायत की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनों के आधार पर की जाती है।
शिकायत के 30 दिन बाद भी लिया जाता है फीडबैक
वुमन पावर लाइन की प्रक्रिया में शिकायत के निस्तारण के बाद भी पीड़िता से प्रतिक्रिया लेने की व्यवस्था बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शिकायत के निस्तारण के 30 दिन बाद भी अंतिम फीडबैक लिया जाता है।
अगर पीड़िता बताती है कि समस्या अब भी बनी हुई है या वह कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है, तो मामले की स्थिति की दोबारा समीक्षा की जा सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह जानना है कि शिकायत का समाधान वास्तव में हुआ है या नहीं।
महिलाओं को क्या करना चाहिए?
अगर किसी महिला को फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए परेशान किया जा रहा है, तो उसे शिकायत करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। संभव हो तो संबंधित कॉल, संदेश, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें। ये जानकारी शिकायत की जांच में उपयोगी हो सकती है।
महिलाएं वुमन पावर लाइन-1090 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यदि मामला तत्काल खतरे, हिंसा या किसी गंभीर आपात स्थिति से जुड़ा है, तो पुलिस की आपातकालीन सहायता भी लेनी चाहिए।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में वुमन पावर लाइन-1090 महिलाओं को फोन और ऑनलाइन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का महत्वपूर्ण माध्यम उपलब्ध कराती है। शिकायत पर कार्रवाई, फॉलो-अप और फीडबैक की प्रक्रिया का उद्देश्य महिलाओं को सहायता देना और उत्पीड़न रोकना है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर समय रहते शिकायत करना और उपलब्ध साक्ष्य सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।

