विजयादशमी पर PM मोदी और राहुल गांधी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं, सत्य और न्याय की जीत का दिया संदेश
नई दिल्ली। देशभर में विजयादशमी का पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संदेश साझा किए और लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली तथा सकारात्मकता की कामना की।
विजयादशमी यानी दशहरा को बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जुड़ा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस अवसर पर रावण दहन, पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “आप सभी को विजयादशमी की अनंत शुभकामनाएं।”
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में उल्लास, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए। विजयादशमी का त्योहार लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने, बुराई से दूर रहने और अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करता है।
प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं के बाद त्योहार के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को लेकर भी चर्चा हो रही है। दशहरा भारत की उन प्रमुख परंपराओं में शामिल है, जो समाज को धर्म, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों की याद दिलाती हैं।
राहुल गांधी ने सुख-समृद्धि की कामना की
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी विजयादशमी पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
राहुल गांधी ने विजयादशमी के संदेश में सत्य और न्याय की जीत के महत्व पर जोर दिया। दशहरा का पर्व भारतीय संस्कृति में इस विश्वास का प्रतीक है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सत्य और सदाचार का मार्ग महत्वपूर्ण बना रहता है।
उनकी शुभकामनाओं का संदेश त्योहार की मूल भावना से जुड़ा है, जिसमें लोगों को बुराइयों का त्याग करने, सद्भाव बनाए रखने और समाज में सकारात्मकता फैलाने की प्रेरणा मिलती है।
क्यों मनाया जाता है विजयादशमी का पर्व?
विजयादशमी को दशहरा भी कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंका के राजा रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की थी। इसी कारण कई स्थानों पर दशहरे के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।
एक अन्य धार्मिक परंपरा के अनुसार, विजयादशमी मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का भी प्रतीक है। इस वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में इस पर्व को अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ मनाया जाता है।
दशहरा लोगों को यह संदेश देता है कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दें, उनका अंत संभव है। यह पर्व आत्ममंथन करने और जीवन में अच्छे मूल्यों को अपनाने का अवसर भी माना जाता है।
सत्य और न्याय की जीत का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के शुभकामना संदेशों में त्योहार की सकारात्मक भावना प्रमुख रही। दोनों नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं देकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
विजयादशमी का महत्व केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। यह पर्व समाज में सद्भाव, नैतिकता और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को भी रेखांकित करता है। त्योहार के अवसर पर लोग अपने जीवन से नकारात्मकता दूर करने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं।
निष्कर्ष: विजयादशमी 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के संदेशों में सुख-समृद्धि, सकारात्मकता और सत्य की जीत की भावना प्रमुख रही। दशहरा हर साल लोगों को याद दिलाता है कि सत्य, न्याय और सदाचार का मार्ग जीवन में विशेष महत्व रखता है।

