Punjab CM Bhagwant Mann News: लाहौर जाने को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा बयान, करतारपुर कॉरिडोर खोलने की उठाई मांग
पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान के लाहौर में आयोजित होने वाले विश्व पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। उन्होंने विदेश यात्रा की अनुमति को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और करतारपुर साहिब कॉरिडोर दोबारा खोलने की मांग की।
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर 2026। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पाकिस्तान के लाहौर में आयोजित होने वाले विश्व पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने की इच्छा जताकर एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंधों और विदेश यात्रा की अनुमति के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान कहा कि उन्हें लाहौर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन उन्हें इस बात को लेकर संदेह है कि केंद्र सरकार पाकिस्तान जाने की अनुमति देगी या नहीं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति दोनों देशों के पंजाब को ऐतिहासिक रूप से जोड़ते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक सीमाओं के बावजूद दोनों ओर रहने वाले लोगों की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक परंपराओं में कई समानताएं हैं।
27 से 29 नवंबर तक लाहौर में होगा विश्व पंजाबी सम्मेलन
पाकिस्तान के लाहौर में 27 से 29 नवंबर 2026 तक चौथे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों से पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में बताया कि पाकिस्तान के प्रसिद्ध पंजाबी कवि बाबा बशीर हुसैन नजमी ने उन्हें इस सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय पंजाब से भी कई साहित्यकार और कवि सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं।
यह सम्मेलन पंजाबी भाषा के संरक्षण, साहित्यिक आदान-प्रदान और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने का मंच माना जा रहा है।
केंद्र सरकार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उठाए सवाल
पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विदेश यात्राओं के लिए आवश्यक अनुमति का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि जब उन्हें फ्रांस और जापान जैसे देशों की यात्रा की अनुमति मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, तो पाकिस्तान जाने की अनुमति मिलने की संभावना को लेकर भी उन्हें संदेह है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में केंद्र सरकार की अनुमति प्रक्रिया को लेकर असंतोष व्यक्त किया।
हालांकि, विदेश यात्रा की अनुमति से संबंधित अंतिम फैसला निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार लिया जाता है। लाहौर सम्मेलन में मुख्यमंत्री की भागीदारी को लेकर अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।
दोनों पंजाब की साझा संस्कृति का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के पंजाब की सांस्कृतिक जड़ें एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने पंजाबी भाषा, लोकसंगीत, कविता, कृषि परंपराओं और सामाजिक जीवन में मौजूद समानताओं का उल्लेख किया।
वर्ष 1947 में देश के विभाजन के बाद पंजाब दो हिस्सों में बंट गया था। इसके बावजूद दोनों ओर पंजाबी भाषा और संस्कृति से जुड़े ऐतिहासिक संबंध बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य और संस्कृति के माध्यम से लोगों के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता है।
उनके अनुसार, दोनों क्षेत्रों के लेखकों, कवियों और कलाकारों के बीच संपर्क सांस्कृतिक विरासत को समझने और आगे बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने भी जताई इच्छा
मुख्यमंत्री भगवंत मान के संबोधन के दौरान पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने भी लाहौर यात्रा के विषय पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि पाकिस्तान जाने की अनुमति मिलती है तो विधानसभा के अन्य सदस्यों को भी साथ ले जाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि पंजाब विधानसभा के सभी सदस्य, चाहे वे सत्तापक्ष से हों या विपक्ष से, एक साथ करतारपुर साहिब जाकर माथा टेकें।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने का मुद्दा भी चर्चा में आ गया।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने की मांग
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि कॉरिडोर दोबारा शुरू होता है तो पंजाब विधानसभा के सभी सदस्य एक साथ पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब करतारपुर में दर्शन के लिए जा सकते हैं।
करतारपुर साहिब सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी के जीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।
यहां गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिताए थे। इस कारण दुनिया भर के सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर साहिब का विशेष धार्मिक महत्व है।
मुख्यमंत्री ने ननकाना साहिब के दर्शन की इच्छा भी व्यक्त की।
क्या है करतारपुर साहिब कॉरिडोर?
करतारपुर साहिब कॉरिडोर भारत के पंजाब राज्य के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब करतारपुर से जोड़ता है।
इस कॉरिडोर का उद्घाटन नवंबर 2019 में किया गया था। इसका उद्देश्य भारतीय श्रद्धालुओं को पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे के दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना था।
कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालु निर्धारित नियमों और दस्तावेजी प्रक्रियाओं के तहत धार्मिक यात्रा कर सकते थे।
हालांकि, मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के बाद कॉरिडोर से यात्रा को निलंबित कर दिया गया था।
अब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे फिर से खोलने की मांग उठाई है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों के बीच सांस्कृतिक संवाद का मुद्दा
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तथा सुरक्षा संबंधी तनाव का प्रभाव दोनों देशों के बीच यात्रा और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी पड़ता है।
ऐसे माहौल में लाहौर में प्रस्तावित विश्व पंजाबी सम्मेलन सांस्कृतिक संवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन के आयोजकों का उद्देश्य विभिन्न देशों में रहने वाले पंजाबी भाषी लोगों को एक मंच पर लाना और भाषा तथा साहित्य के संरक्षण पर चर्चा करना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी अपने संबोधन में दोनों पंजाब के साझा सांस्कृतिक संबंधों को प्रमुखता दी।
हालांकि, सांस्कृतिक आयोजनों में सरकारी प्रतिनिधियों की भागीदारी और सीमा पार यात्रा की अनुमति सुरक्षा तथा कूटनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा पर अंतिम फैसला बाकी
लाहौर में होने वाले सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को निमंत्रण मिलने की जानकारी सामने आ चुकी है, लेकिन उनकी पाकिस्तान यात्रा की आधिकारिक अनुमति को लेकर अंतिम फैसला अभी स्पष्ट नहीं है।
मुख्यमंत्री ने स्वयं भी विधानसभा में इस बात को लेकर संदेह जताया कि उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति मिलेगी या नहीं।
ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सम्मेलन से पहले संबंधित अधिकारियों और केंद्र सरकार की ओर से यात्रा की अनुमति के विषय में क्या निर्णय लिया जाता है।
पंजाब की राजनीति में फिर चर्चा में आया केंद्र-राज्य संबंधों का मुद्दा
मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान ने एक बार फिर केंद्र और पंजाब सरकार के बीच विदेश यात्रा संबंधी अनुमति के मुद्दे को सामने ला दिया है।
आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार और केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के बीच विभिन्न प्रशासनिक तथा राजनीतिक मुद्दों पर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं।
लाहौर सम्मेलन के निमंत्रण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विदेश यात्रा की अनुमति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल यह विषय मुख्यमंत्री के बयान और प्रस्तावित यात्रा तक सीमित है। पाकिस्तान यात्रा को लेकर कोई अंतिम सरकारी स्वीकृति सामने नहीं आई है।
करतारपुर कॉरिडोर और लाहौर सम्मेलन पर रहेंगी निगाहें
मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान के बाद दो प्रमुख विषय सामने आए हैं। पहला, लाहौर में आयोजित होने वाले विश्व पंजाबी सम्मेलन में उनकी संभावित भागीदारी और दूसरा, करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग।
दोनों विषय पंजाब की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक भावनाओं से जुड़े हुए हैं।
विश्व पंजाबी सम्मेलन जहां पंजाबी भाषा और साहित्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने का प्रयास है, वहीं करतारपुर साहिब कॉरिडोर सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा से संबंधित है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि वह लाहौर सम्मेलन में शामिल होना चाहते हैं और करतारपुर साहिब कॉरिडोर के माध्यम से पंजाब विधानसभा के सभी सदस्यों के साथ धार्मिक यात्रा की इच्छा रखते हैं। अब उनकी संभावित पाकिस्तान यात्रा की अनुमति और कॉरिडोर दोबारा खोलने के संबंध में केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार रहेगा।

