IND W vs ZIM W 2nd ODI: हरमनप्रीत कौर का धमाकेदार शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रनों का लक्ष्य, शुरुआती झटकों के बाद शानदार वापसी
वडोदरा में भारतीय महिला टीम की जबरदस्त बल्लेबाजी, 19 रन पर दो विकेट गिरने के बाद हरमनप्रीत कौर ने संभाली पारी, दीप्ति शर्मा के साथ शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया
वडोदरा, 25 अक्टूबर 2026। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के सामने 329 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही, लेकिन अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार शतकीय पारी खेलकर टीम को संकट से बाहर निकाला।
कप्तानी की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत कौर एक बार फिर अपने पुराने आक्रामक अंदाज में नजर आईं। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में न केवल भारतीय पारी को संभाला, बल्कि महत्वपूर्ण साझेदारियों के जरिए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
19 रन पर दो विकेट गिरने से मुश्किल में थी भारतीय टीम
वडोदरा में खेले जा रहे इस मुकाबले में भारतीय महिला टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कप्तान स्मृति मंधाना और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा जल्दी आउट होकर पवेलियन लौट गईं।
दोनों महत्वपूर्ण विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम का स्कोर महज 19 रन पर दो विकेट हो गया था। शुरुआती झटकों के कारण टीम पर दबाव बढ़ गया और जिम्बाब्वे की गेंदबाजों ने मुकाबले में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश की।
ऐसे समय में भारतीय टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। अनुभवी हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभाली और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए भारतीय पारी को आगे बढ़ाया।
हरमनप्रीत कौर ने शतक लगाकर बदल दिया मैच का रुख
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत हरमनप्रीत कौर की शानदार बल्लेबाजी रही। उन्होंने शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे अपनी पारी को आगे बढ़ाया।
हरमनप्रीत ने पहले भारतीय पारी को स्थिरता दी और फिर कमजोर गेंदों पर आक्रामक प्रहार करते हुए रन गति बढ़ाई। उनकी बल्लेबाजी में अनुभव, आत्मविश्वास और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला।
उन्होंने शानदार शतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए थे।
हरमनप्रीत के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि वह मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए कितनी महत्वपूर्ण बल्लेबाज हैं।
प्रतिका रावल और तेजल हसनवीस ने भी दिया योगदान
शुरुआती दो विकेट गिरने के बाद भारतीय बल्लेबाजी को संभालने में मध्यक्रम की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
प्रतिका रावल और तेजल हसनवीस ने पारी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। हालांकि, दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भारतीय टीम को एक बार फिर साझेदारी की जरूरत पड़ी।
ऐसे समय में हरमनप्रीत कौर ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और दूसरे छोर से मिलने वाले सहयोग का फायदा उठाते हुए टीम का स्कोर लगातार आगे बढ़ाया।
दीप्ति शर्मा और हरमनप्रीत के बीच शतकीय साझेदारी
भारतीय पारी का एक और महत्वपूर्ण पहलू हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान दीप्ति शर्मा के बीच हुई शतकीय साझेदारी रही।
दीप्ति शर्मा ने हरमनप्रीत का शानदार साथ निभाया। दोनों बल्लेबाजों ने समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
इस साझेदारी ने भारतीय टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। हरमनप्रीत जहां आक्रामक अंदाज में रन बना रही थीं, वहीं दीप्ति शर्मा ने दूसरे छोर से पारी को स्थिरता प्रदान की।
दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। भारतीय टीम ने इस साझेदारी की बदौलत शुरुआती झटकों से पूरी तरह उबरते हुए बड़े स्कोर की ओर कदम बढ़ाए।
भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रनों का लक्ष्य
भारतीय महिला टीम ने अपनी पारी में 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने जीत के लिए 329 रनों का लक्ष्य रखा।
शुरुआती दो विकेट महज 19 रन पर गिरने के बाद इतने बड़े स्कोर तक पहुंचना भारतीय बल्लेबाजी की मजबूत वापसी को दर्शाता है।
हरमनप्रीत कौर के शतक और मध्यक्रम की महत्वपूर्ण साझेदारियों ने टीम के स्कोर को मजबूत बनाया।
अब जिम्बाब्वे की महिला टीम के सामने बड़ा लक्ष्य हासिल करने की चुनौती है। भारतीय गेंदबाजों की कोशिश होगी कि वे शुरुआती ओवरों में विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाएं।
कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत का दमदार प्रदर्शन
हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। लंबे समय तक टीम का नेतृत्व करने के बाद अब वह बल्लेबाज के रूप में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में उनका शतक इस बात का उदाहरण है कि कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग होने के बाद भी वह टीम की बल्लेबाजी की महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई हैं।
दबाव की स्थिति में शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। हरमनप्रीत ने अपनी पारी से भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती देने के साथ युवा खिलाड़ियों के सामने भी उदाहरण पेश किया।
भारतीय गेंदबाजों के सामने अब जीत दिलाने की जिम्मेदारी
भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में शानदार वापसी करते हुए जिम्बाब्वे के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है। अब मुकाबले का अगला महत्वपूर्ण चरण गेंदबाजी का होगा।
329 रनों के लक्ष्य का बचाव करने के लिए भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती विकेट हासिल करने होंगे। यदि भारत पावरप्ले में जिम्बाब्वे के शीर्ष क्रम को दबाव में लाने में सफल रहता है, तो मुकाबले में उसकी स्थिति मजबूत हो सकती है।
दूसरी ओर जिम्बाब्वे की टीम को इस बड़े लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लंबी साझेदारियों और तेज रन गति की जरूरत होगी।
हरमनप्रीत की पारी बनी मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण
भारत और जिम्बाब्वे के बीच दूसरे वनडे मुकाबले की पहली पारी का सबसे बड़ा आकर्षण हरमनप्रीत कौर का शानदार शतक रहा।
जिस भारतीय टीम ने महज 19 रन पर अपने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे, उसी टीम ने अनुभवी बल्लेबाज की शानदार पारी के दम पर 328 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।
हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा की साझेदारी ने भारतीय पारी को नई दिशा दी। अब सभी की निगाहें जिम्बाब्वे की जवाबी बल्लेबाजी और भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
*फिलहाल भारतीय महिला टीम ने जिम्बाब्वे को 329 रनों का लक्ष्य दिया है। मुकाबले का अंतिम परिणाम जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पूरी होने के बाद तय होगा।

