Bihar News : Aiims Patna Cardicon 2024 Cardiac Experts Discussed Heart Failure Case Rise After Covid19 Heart A – Amar Ujala Hindi News Live

कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर।
– फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
पटना एम्स में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के बिहार चैप्टर का दो दिवसीय 30वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में बढ़ते हुए हृदयाघात एवं नवीनतम ड्रग्स पर भाषण हुए। कार्डियक प्रोसीजर्स जैसे कि पीसीआई एवं स्टंटिंग (तार की विधि से एवं छल्ला डालकर) हार्ट के ब्लॉक को कैसे खोला जाए एवं इसमें किस प्रकार की दवाइयां लंबे समय एवं अल्प समय तक चलने चाहिए इस बारे में चर्चा हुई। इसकी कई तकनीकियों पर डॉक्टर अरविंद कुमार जो कि सीएसआई प्रेसिडेंट है, ने अपनी टिप्पणियां दी।
डॉ अनुपम भंबानी एवं डॉ संजीव कुमार ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री एवं ऑर्गेनाइसिंग अध्यक्ष ने बताया कि देश एवं विदेश से प्रसिद्ध कार्डियक सर्जन एवं कार्डियोलॉजिस्ट ने इसमें भाग लिया। एम्स जोधपुर, एम्स बिलासपुर, एम्स दिल्ली एवं देश के प्रसिद्ध अस्पतालो एवं बिहार के लगभग सभी जिलों के कई फिजिशियन ने आज के सेशन में भाग लिया। आज के सेशन की विशेष क्विज Cardio – bee में विभिन्न हृदय रोगों पर प्रश्न पूछे गए -इस सेशन का संचालन एम्स दिल्ली के डॉक्टर एस रामकृष्णन ने किया। हार्ट फैलियर जो की एक जानलेवा बीमारी है-इसके नवीनतम इलाज दवाइयां एवं हार्ट सर्जरी के विभिन्न तरीकों पर चर्चा हुई। समापन समारोह में नवीनतम तकनीको पर आगे चर्चा जारी रखने का निश्चय हुआ एवं दोबारा शीघ्र ही एम्स पटना में मिलकर बिहार को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने का निश्चय हुआ। आज एम्स पटना ऑडिटोरियम में आरम्भ हुआ, जिसमें बढ़ते हुए हृदयाघात एवं नवीनतम ड्रग्स पर भाषण हुए। कार्डियक प्रोसीजर्स जैसे की पीसीआई एवं स्टंटिंग (तार की विधि से एवं छल्ला डालकर) हार्ट के ब्लॉक को कैसे खोला जाए एवं इसमें किस प्रकार की दवाइयां लंबे समय एवं अल्प समय तक चलने चाहिए इस बारे में चर्चा हुई। इसकी कई तकनीकियों पर डॉक्टर अरविंद कुमार जो कि CSI प्रेसिडेंट है ने अपनी टिप्पणियां दी। डॉ अनुपम भंबानी एवं डॉ संजीव कुमार ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री एवं ऑर्गेनाइसिंग अध्यक्ष ने बताया कि देश एवं विदेश से प्रसिद्ध कार्डियक सर्जन एवं कार्डियोलॉजिस्ट ने इसमें भाग लिया।
सीएसआई की आम बैठक हुई, जिसमें अध्यक्ष जीवक हार्ट हॉस्पिटल के डॉ अरविंद कुमार ने इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान के additional Director डॉ K K Barun को सौप दिया. एम्स पटना के कार्डियक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ संजीव कुमार, इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान के निदेशक डॉ सुनील कुमार, डॉ UC Samal, medanta Hospital के डॉ अजय सिन्हा, हार्ट हॉस्पिटल के डॉ अभिनव भगत, एम्स की डॉ अनुपम bhambhani ने उन्हें बधाई दी है. 2025 में अगले CARDICON conference में राजगीर में मिलने के वादे के साथ बिदाई ली।
निः संदेह विगत बरसों में हृदयाघात ने पुरानी अवधारणाओं को धता बताते हुए प्रायः सभी आयु वर्गों को अपनी लपेटे में ले लिया है और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। इस बीच पटना एम्स के ऑडिटोरियम में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के बिहार चैप्टर का दो दिवसीय 30वां वार्षिक अधिवेशन का आयोजन किया गया। रिसेंट एडवांसेज एंड फ्यूचर पर्सपेक्टिव्स इन कार्डियोलॉजी:विषयवस्तु पर आधारित इस अधिवेशन में राजधानी के नामी गिरामी हृदयरोग विशेषज्ञों के अलावा देश विदेश के विशेषज्ञों ने अपने सारगर्भित आख्यानों,व्याख्यानों से अधिवेशन के उद्देश्यों को सम्पूर्णता प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।वस्तुतः ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य भी नए अनु संधान,आविष्कार का आदान प्रदान ही होता है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ0 संजीव ने वर्तमान समय में ,खासकर कोरोना के बाद हृदयाघात के मामले अप्रत्याशित रूप में बढ़े हैं,हमें सामूहिक रूप से इसका निदान खोजना ही होगा,वैसे,सतर्कता से भी इस खतरे को टाला जा सकता है।आनेवाली सर्दी में लोगों के लिए सावधानी की सलाह, सम्मिलित रूप में इस अधिवेशन के माध्यम से दी जा रही है। मौके पर यू सी शामल, शमशाद आलम, मेदांता के अजय सिन्हा, बी बी भारती, डॉ शैलेन्द्र कुमार; डॉ अभिनव भगत, डॉ मृणाल कांति दास, डॉ सौमित्र राय, डॉ आर डी यादव समेत देश के कई गणमान्य डॉक्टर ने आपस में ज्ञान साझा किए। सम्मेलन में डॉ ए के ठाकुर मेमोरियल एम्स दिल्ली के डॉ राकेश यादव ने दिया। सम्मेलन में डॉ प्रभात कुमार एवं डॉ बसंत सिंह को समर्पित वैज्ञानिक सत्र हुए।


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