‘हीरामंडी’ स्टार की फिल्म ऑस्कर की दौड़ में शामिल, IMDb पर मिली है गजब रेटिंग, नाम का ऐश्वर्या राय से कनेक्शन

फिल्म का पोस्टर
डायरेक्टर गजेंद्र अहिरे की फिल्म ‘पारो-द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी’ ने भारतीय सिनेमा के लिए एक अहम उपलब्धि हासिल की है। इस फिल्म को एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) द्वारा जारी 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स की आधिकारिक ऑस्कर एलिजिबिलिटी लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके साथ ही ‘पारो’ उन चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की सूची में आ गई है, जिन्होंने एकेडमी के सभी क्वालिफिकेशन मानदंड पूरे किए हैं और अब 2026 के ऑस्कर अवॉर्ड्स में सभी कैटेगरी में विचार के लिए पात्र हैं। यह उपलब्धि फिल्म की ग्लोबल जर्नी में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।
‘पारो’ की कहानी कैसी है?
‘पारो’ एक सशक्त सामाजिक ड्रामा है, जो दुल्हन की तस्करी और ब्राइड स्लेवरी जैसे गंभीर और अक्सर अनदेखे मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ सामने लाता है। फिल्म का निर्माण फिल्ममेकर और सोशल एक्टिविस्ट तृप्ति भोइर ने किया है, जिन्होंने इस कहानी को सिर्फ एक सिनेमैटिक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी के तौर पर पेश किया है। फिल्म में तृप्ति भोइर, दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव और ताहा शाह बदुशा अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। अपनी ईमानदार कहानी और सशक्त परफॉर्मेंस के चलते ‘पारो’ ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स और ग्लोबल फिल्म सर्किट में खास ध्यान खींचा है।
क्यों अहम है ये प्रक्रिया?
हालांकि ऑस्कर एलिजिबिलिटी का मतलब सीधे तौर पर नॉमिनेशन नहीं होता, लेकिन यह इंटरनेशनल अवॉर्ड्स की दौड़ में एक बेहद अहम कदम माना जाता है। यह पहचान इस बात का संकेत है कि फिल्म की थीम, तकनीकी गुणवत्ता और कहानी कहने का तरीका एकेडमी के ग्लोबल मानकों पर खरा उतरता है। इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेता ताहा शाह बदुशा ने कहा कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक किरदार नहीं थी, बल्कि उन आवाजों का प्रतिनिधित्व है जिन्हें समाज में अक्सर दबा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ‘पारो’ जैसी कहानियां सीमाओं से परे देखी और सुनी जानी चाहिए, और यह पहचान सार्थक सिनेमा के लिए नए दरवाजे खोल सकती है।
लिस्ट में शामिल 201 फिल्में
ऑस्कर एलिजिबिलिटी में शामिल होना ‘पारो’ की स्थिति को ग्लोबल इंडिपेंडेंट सिनेमा के मंच पर और मजबूत करता है। साथ ही, यह भारतीय सिनेमा में सामाजिक रूप से जागरूक और मुद्दों पर आधारित कहानी कहने की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को भी रेखांकित करता है। गौरतलब है कि ‘पारो’ के अलावा भारतीय सिनेमा की अन्य चर्चित फिल्में जैसे ‘कांतारा: चैप्टर 1’, ‘महावतार नरसिम्हा’ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ भी एकेडमी की उन 201 फिल्मों की सूची में शामिल हैं, जिन्हें ऑस्कर बेस्ट पिक्चर के लिए विचार योग्य माना गया है। यह भारतीय फिल्मों के लिए वैश्विक मंच पर एक मजबूत उपस्थिति और गौरवपूर्ण क्षण को दर्शाता है।
बता दें, पारो को IMDb पर 6.5 की रेटिंग मिली है। फिल्म की कहानी लोगों और क्रिटिक्स दोनों को पसंद आई। फिल्म का नाम पारो है, जो ऐश्वर्या राय की याद दिलाता है, ये वही नाम है जो ‘देवदास’ में ऐश्वर्या राय का था।
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