माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने हाईटेक निगरानी तंत्र लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाएं जनपद के 124 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी, जहां प्रत्येक कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की आईडी और पासवर्ड सीधे मुख्यालय से जोड़े जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों से सीसीटीवी सिस्टम से संबंधित तकनीकी डेटा, लॉगिन क्रेडेंशियल, आईपी एड्रेस और नेटवर्क कनेक्टिविटी का विवरण तलब किया है। इस व्यवस्था के तहत परीक्षा कक्षों में बैठे परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम के माध्यम से कंट्रोल रूम से निरंतर निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए लखनऊ मुख्यालय के साथ-साथ डीआईओएस कार्यालय में कमांडिंग सिस्टम बनेगा। जो हर संदिग्ध गतिविधियों पर अलार्म भेजेगा।
बार-बार सीट से उठना पड़ेगा महंगा
बोर्ड परीक्षा की निगरानी में इस्तेमाल की जा रही तकनीक ऐसी होगी कि अगर कोई परीक्षार्थी बार-बार अपनी सीट से उठता है, आगे-पीछे मुड़ता है, संदिग्ध हाव-भाव करता है या मोबाइल फोन अथवा किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल का प्रयास करता है, तो सिस्टम में लगे मोशन डिटेक्शन और बिहेवियर एनालिसिस फीचर के सक्रिय होते ही मुख्यालय में ऑटोमेटिक अलार्म बज जाएगा। इसके बाद संबंधित परीक्षा केंद्र को तत्काल अलर्ट भेजा जाएगा और फ्लाइंग स्क्वॉड मौके पर कार्रवाई करेगा।


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