लखनऊ मानस बाजपेई हत्याकांड: डरपोक था मानस, फिर कैसे बना पत्नी और बहन का हत्यारा?
लखनऊ: पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन शीबा की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी करने वाले मानस बाजपेई को लेकर उसके परिजनों ने कई चौंकाने वाली बातें बताई हैं। मानस के मामा अवधेश बाजपेई और अमोल बाजपेई के मुताबिक, वह स्वभाव से बेहद डरपोक था। यहां तक कि उसे अंधेरे और सुनसान रास्तों से भी डर लगता था। ऐसे में परिवार के लिए यह समझना मुश्किल है कि आखिर वह ऐसी हिंसक वारदात को अंजाम देने तक कैसे पहुंच गया।
परिजनों के मुताबिक मानस का व्यवहार सामान्य तौर पर ऐसा नहीं था कि कोई उसके द्वारा इतनी बड़ी वारदात की कल्पना कर सके। उसके मामा ने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति अंधेरे से डरता था, वह अचानक इतना खतरनाक कदम उठाने वाला हत्यारा कैसे बन गया?
पत्नी और बहन की हत्या के बाद खुदकुशी
लखनऊ में हुई इस घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को झकझोर दिया। मानस बाजपेई पर अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन शीबा की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। वारदात के बाद मानस ने भी खुदकुशी कर ली।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और परिवार के सदस्यों तथा परिचितों से पूछताछ की। इसी दौरान मानस के व्यवहार और उसकी मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल सामने आए।
मामा बोले- अंधेरे से डरने वाला हत्यारा कैसे बना?
मानस के मामा अवधेश बाजपेई और अमोल बाजपेई ने उसके पुराने स्वभाव का जिक्र करते हुए बताया कि वह बेहद डरपोक था। रात के समय सुनसान गली से गुजरने में भी उसे डर लगता था। ऐसे व्यक्ति द्वारा गोलीबारी जैसी वारदात को अंजाम देना परिवार के लिए बेहद हैरान करने वाली बात है।
परिजनों के मुताबिक, मानस के व्यक्तित्व और इस वारदात के बीच बड़ा अंतर नजर आता है। यही वजह है कि परिवार के लोग भी घटना के पीछे की परिस्थितियों और उसके व्यवहार में आए बदलाव को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
परिवार के लिए कई सवाल अब भी अनसुलझे
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मानस ने आखिर अपनी पत्नी और बहन की हत्या जैसा कदम क्यों उठाया। क्या लंबे समय से कोई विवाद चल रहा था या फिर घटना से पहले उसके व्यवहार में कोई बड़ा बदलाव आया था? पुलिस जांच के दौरान इन सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
परिवार की ओर से सामने आई बातों ने मामले को और उलझा दिया है। जिस मानस को उसके मामा डरपोक और सामान्य स्वभाव का व्यक्ति बताते हैं, वही इतना बड़ा कदम कैसे उठा बैठा, यह सवाल जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
घटना ने खड़े किए कई सवाल
लखनऊ की इस वारदात ने परिवार के भीतर के रिश्तों, आपसी तनाव और अचानक सामने आई हिंसा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल परिजनों के बयान से यह जरूर सामने आया है कि मानस का पुराना स्वभाव और वारदात के दौरान उसका कथित व्यवहार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दिखाई देता है। इसी विरोधाभास को समझना इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण हो सकता है। रिपोर्टर; दीप सिंह मुख्य, संवाददता लखनऊ

