लखनऊ के शीतला मंदिर में BJP विधायक जय देवी कौशल के आरोप से विवाद, बोलीं- पासी समाज से हूं इसलिए पूजा से रोका
लखनऊ: लखनऊ के काकोरी स्थित शीतला माता मंदिर में जीर्णोद्धार और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हो गया। मलिहाबाद से भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने मंदिर में उनके साथ जातिगत भेदभाव और अपमान किए जाने का आरोप लगाया है। विधायक का दावा है कि पासी समाज से होने के कारण उन्हें पूजा-अर्चना में शामिल नहीं होने दिया गया। हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
क्या है पूरा मामला?
काकोरी कस्बे में स्थित शीतला माता मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए बुधवार को भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मलिहाबाद की भाजपा विधायक जय देवी कौशल भी पहुंचीं। विधायक का आरोप है कि पूजा के दौरान उन्हें अनुष्ठान में बैठने नहीं दिया गया और काफी देर तक खड़ा रखा गया।
जय देवी कौशल ने आरोप लगाया कि उन्हें अगरबत्ती जलाने और नारियल फोड़ने तक की अनुमति नहीं दी गई। उनका कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए उन्होंने शासन से बजट स्वीकृत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।
पासी समाज से होने के कारण भेदभाव का आरोप
विधायक जय देवी कौशल ने इसे जातिगत भेदभाव बताते हुए कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार इसलिए किया गया क्योंकि वह पासी समाज से आती हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से करने की बात कही है।
विधायक के बेटे विकास किशोर ने भी सोशल मीडिया पर घटना को लेकर नाराजगी जताई। पूर्व केंद्रीय मंत्री और जय देवी कौशल के पति कौशल किशोर ने भी मामले पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन के शीर्ष नेतृत्व के सामने शिकायत रखने की बात कही है।
मंदिर प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, शीतला मंदिर के प्रबंधक रमाकांत गुप्ता ने विधायक के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मंदिर के कपाट सभी जातियों और वर्गों के लोगों के लिए खुले हैं और किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, कार्यक्रम में पुजारी शैलेंद्र बाजपेयी विधि-विधान करा रहे थे और प्रबंधक स्वयं मंत्रों का उच्चारण कर रहे थे। प्रबंधन ने कार्यक्रम के दौरान जातिगत भेदभाव किए जाने की बात से इनकार किया है।
विवाद बढ़ा तो पुलिस पहुंची
विवाद सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय भारती कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर पहुंचे और विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए काकोरी इंस्पेक्टर सतीश राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया।
इसके बाद लाखन आर्मी के प्रमुख सूरज पासी ने भी मंदिर में जाकर पूजा करने की बात कही। उन्होंने चुनौती दी कि उन्हें शीतला देवी मंदिर में पूजा करने से कौन रोकता है। इससे विवाद और चर्चा में आ गया है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मंदिर विवाद के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं। इस मामले को लेकर विपक्ष की ओर से भी भाजपा पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, फिलहाल विधायक के लगाए आरोप और मंदिर प्रबंधन के पक्ष में स्पष्ट विरोधाभास है।
एक तरफ विधायक जय देवी कौशल इसे जातिगत भेदभाव बता रही हैं, वहीं मंदिर प्रबंधन का कहना है कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया। ऐसे में विवाद की पूरी तस्वीर संबंधित पक्षों के दावों और प्रशासनिक स्तर पर सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगी। रिपोर्टर; दीप सिंह मुख्य, संवाददता लखनऊ

