CM Haryana Nayab Singh Saini: गुरुग्राम जलभराव पर सवाल से बचते दिखे CM सैनी, सुरक्षाकर्मियों ने हटाया माइक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार, 26 अगस्त 2026 को गुरुग्राम में लगातार हो रहे जलभराव को लेकर पूछे गए सवालों के बीच चर्चा में आ गए। पंचकूला में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे गुरुग्राम की बदहाल स्थिति और जलभराव को लेकर सवाल किया गया, तो वह बिना जवाब दिए आगे बढ़ते दिखाई दिए। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मियों ने रिपोर्टर का माइक भी हटा दिया।
गुरुग्राम में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। सड़कें और अंडरपास जलमग्न होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। ऐसे में मुख्यमंत्री से शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा गया था।
CM सैनी से पूछा गया गुरुग्राम जलभराव पर सवाल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को पंचकूला में कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के पदक विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित करने के कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल की ओर जाते समय आजतक संवाददाता ने उनसे गुरुग्राम में लगातार हो रहे जलभराव को लेकर सवाल किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने सवाल का जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ते रहे। जब रिपोर्टर ने दोबारा सवाल पूछने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मियों ने माइक को पीछे कर दिया।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब गुरुग्राम में बारिश और जलभराव को लेकर सरकार और प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
35 मिनट की बारिश ने बिगाड़े हालात
गुरुग्राम में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 35 मिनट में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास जलमग्न हो गए।
जलभराव का असर स्कूल बसों और आम ट्रैफिक पर भी पड़ा। सुभाष चौक के पास करीब 15 वाहन, जिनमें 9 स्कूल बसें शामिल थीं, पानी में फंस गए। रिपोर्टों में बताया गया कि इन बसों में मौजूद 300 से ज्यादा स्कूली बच्चों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात को देखते हुए गुरुग्राम प्रशासन ने स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं और कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं की सलाह भी दी थी।
IFFCO चौक पर धंसी सड़क
भारी बारिश के बीच गुरुग्राम के IFFCO चौक के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस लेन का एक हिस्सा भी धंस गया। प्रारंभिक जांच में सड़क के नीचे से गुजर रही GMDA की सीवर लाइन में लीकेज को इसकी वजह बताया गया।
सीवर लाइन से पानी के रिसाव के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई और सड़क का हिस्सा धंस गया। घटना के बाद प्रभावित स्थान पर बैरिकेडिंग की गई ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। सीवर लाइन की मरम्मत के बाद सड़क की मरम्मत का काम किए जाने की बात सामने आई है।
CM से मिले गुरुग्राम सांसद राव इंद्रजीत सिंह
जलभराव की गंभीर समस्या के बीच केंद्रीय मंत्री और गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। बैठक में गुरुग्राम के लगातार बिगड़ते जल निकासी सिस्टम और मानसून के दौरान हर साल पैदा होने वाली स्थिति पर चर्चा हुई।
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में जलभराव अब हर साल होने वाली समस्या बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगने और समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही।
अंडरग्राउंड टनल का सुझाव
राव इंद्रजीत सिंह के मुताबिक, गुरुग्राम में पिछले दो दशकों में कई जगह प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर निर्माण हुआ है। इससे बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव के रास्ते प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए मेट्रो की तरह अंडरग्राउंड ड्रेनेज टनल बनाने का सुझाव दिया है, ताकि पानी को उसके पुराने प्राकृतिक रास्तों से निकाला जा सके।
उनका कहना है कि मौजूदा उपाय केवल अस्थायी राहत दे सकते हैं। शहर को ऐसी तकनीकी योजना की जरूरत है जो भविष्य में भारी बारिश के दौरान भी पानी की निकासी सुनिश्चित कर सके।
हर साल क्यों डूबता है गुरुग्राम?
गुरुग्राम देश के प्रमुख कॉरपोरेट और कमर्शियल केंद्रों में शामिल है, लेकिन मानसून के दौरान यहां जलभराव की समस्या लगातार सामने आती है। तेजी से हुए शहरीकरण और प्राकृतिक ड्रेनेज चैनलों पर निर्माण को इसके प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।
शहर में बारिश का पानी निकालने के लिए कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन भारी बारिश के दौरान कई इलाकों में फिर भी पानी जमा हो जाता है। इससे प्रशासन की तैयारियों और ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता पर सवाल उठते रहे हैं।
सरकार पर विपक्ष का हमला
गुरुग्राम की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भी हरियाणा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जलभराव, ट्रैफिक जाम और इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की।
विपक्ष का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद गुरुग्राम में हर मानसून वही समस्या दोहराई जा रही है। वहीं सरकार की ओर से शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारने और स्थायी समाधान की दिशा में काम करने की बात कही जा रही है।
अब स्थायी समाधान पर नजर
गुरुग्राम के जलभराव ने एक बार फिर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रेनेज सिस्टम की कमियों को सामने ला दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सांसद राव इंद्रजीत सिंह की मुलाकात के बाद अब अधिकारियों से जवाब मांगने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने की बात कही गई है।
ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि हरियाणा सरकार गुरुग्राम की इस पुरानी समस्या के लिए क्या स्थायी कदम उठाती है। फिलहाल भारी बारिश के बाद बने हालात ने सरकार के सामने शहर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
रिपोर्टर; तेजिंदर सिंह, मुख्य संवाददता उत्तराखण्ड

