CM उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान: कार्यकाल में दोबारा नहीं बढ़ेगा बिजली टैरिफ, बोले- मजबूरी में लेना पड़ा फैसला
श्रीनगर, 26 अगस्त 2026। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बिजली की बढ़ी हुई दरों को लेकर लोगों को बड़ी राहत का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल में बिजली टैरिफ में दोबारा बढ़ोतरी नहीं करने की पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने हालिया बिजली दरों में संशोधन को मजबूरी में लिया गया फैसला बताया और कहा कि उपभोक्ताओं पर न्यूनतम संभव बोझ डालने का प्रयास किया गया है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी पर क्या बोले CM उमर?
बारामूला जिले के तंगमर्ग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली की कीमतों में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने इस बढ़ी हुई लागत का केवल एक छोटा हिस्सा ही उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आगे बिजली की दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी न करनी पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान उपभोक्ताओं पर बिजली दरों का अतिरिक्त बोझ डालने से बचने की कोशिश की जाएगी।
‘मजबूरी में करना पड़ा टैरिफ संशोधन’
उमर अब्दुल्ला ने हालिया बिजली टैरिफ संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि यह फैसला किसी शौक या राजनीतिक लाभ के लिए नहीं लिया गया, बल्कि परिस्थितियों के कारण ऐसा करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि बिजली की लागत और पिछले वर्षों में कीमतों में हुए बदलाव को देखते हुए सरकार के सामने सीमित विकल्प थे। सरकार ने उपभोक्ताओं पर पूरा अतिरिक्त खर्च डालने के बजाय उसका एक छोटा हिस्सा ही ट्रांसफर किया है।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर में बिजली टैरिफ में 6.83 फीसदी की बढ़ोतरी की खबर सामने आई थी, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। यह संशोधन 1 सितंबर से लागू होने की जानकारी सामने आई है।
BJP और PDP पर भी साधा निशाना
बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष की आलोचना पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने BJP और PDP पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन दलों की सरकारों के दौरान पहले बिजली दरें बढ़ाई गई थीं, वे अब मौजूदा सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि करीब चार साल पहले भी बिजली दरों में लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। उन्होंने PDP-BJP गठबंधन सरकार के दौरान भी बिजली दरों में बढ़ोतरी का उल्लेख किया।
उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष से सवाल किया कि जब पहले बिजली दरों में बढ़ोतरी हुई थी, तब उस पर उतनी आपत्ति क्यों नहीं जताई गई।
जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर चिंता
बिजली टैरिफ में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब जम्मू-कश्मीर में आम उपभोक्ता पहले से ही महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्च को लेकर चिंतित हैं। बिजली बिल में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर पड़ सकता है।
इसी वजह से बिजली दरों में वृद्धि राजनीतिक मुद्दा भी बन गई है। विपक्षी दल सरकार पर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार ने उपभोक्ताओं पर न्यूनतम संभव बोझ डालने की कोशिश की है।
सरकार के सामने बिजली व्यवस्था बड़ी चुनौती
जम्मू-कश्मीर में बिजली की मांग लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। सर्दियों के दौरान बिजली की खपत बढ़ने और आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव को देखते हुए सरकार के सामने बिजली क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत करने की चुनौती है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संकेत दिया है कि सरकार आने वाले वर्षों में बिजली व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सुधारने पर ध्यान देगी। उनका कहना है कि जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकार को बिजली क्षेत्र की आर्थिक वास्तविकताओं को भी ध्यान में रखना होगा।
कैबिनेट विस्तार से पहले कांग्रेस को फिर ऑफर
इसी बीच जम्मू-कश्मीर की राजनीति में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर भी हलचल तेज है। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने कांग्रेस को सरकार में शामिल होने का नया प्रस्ताव दिया है।
कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ने पुष्टि की है कि NC की ओर से कांग्रेस से संपर्क किया गया है और मंत्रिपरिषद में एक पद की पेशकश की गई है। कांग्रेस इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और पार्टी की ओर से फैसला घोषित किए जाने की बात कही गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उमर अब्दुल्ला मंत्रिपरिषद के विस्तार और फेरबदल की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस के सरकार में शामिल होने से सत्तारूढ़ गठबंधन के राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
पुंछ सड़क हादसे पर CM उमर ने जताया दुख
बुधवार को पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में हुए दर्दनाक सड़क हादसे पर भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया। हादसे में छह लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। एक वाहन के सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिरने के बाद यह हादसा हुआ।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया।
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के लोगों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने लोगों से शांति, भाईचारे, करुणा और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर को समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करने का अवसर बताया।
निष्कर्ष
जम्मू-कश्मीर में इस समय बिजली टैरिफ में बढ़ोतरी सबसे प्रमुख राजनीतिक और जनहित के मुद्दों में से एक बनी हुई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ किया है कि उनकी सरकार मौजूदा कार्यकाल में आगे बिजली दरों में बढ़ोतरी से बचने की पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने मौजूदा बढ़ोतरी को मजबूरी में लिया गया फैसला बताते हुए कहा कि उपभोक्ताओं पर न्यूनतम संभव बोझ डालने का प्रयास किया गया है।
वहीं, कैबिनेट विस्तार को लेकर कांग्रेस को नया प्रस्ताव, पुंछ सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री की संवेदना और ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की शुभकामनाएं भी आज जम्मू-कश्मीर की प्रमुख खबरों में शामिल हैं। आने वाले दिनों में बिजली दरों और कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली

