अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर हमला, स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर महंगाई और जेपीएनआईसी तक उठाए सवाल
लखनऊ, 29 अगस्त 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, बढ़ती महंगाई, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था और जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है। उनका आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों के कई पद खाली पड़े हैं। इसके चलते गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इलाज के लिए किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग को ही इलाज की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को बेहतर इलाज मिलने में कठिनाई हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश में बनती है तो गरीबों के इलाज में किसी कार्ड की बाध्यता नहीं होगी। जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में पर्याप्त मानव संसाधन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी जोर दिया।
महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है।
उन्होंने चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि महंगाई के कारण लोगों की आर्थिक परेशानियां बढ़ी हैं। उनके मुताबिक त्योहारों के दौरान जब परिवारों को खुशियां मनानी चाहिए, तब बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
किसानों की समस्याओं पर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने खाद की उपलब्धता और फसलों के उचित मूल्य को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि किसानों को कृषि संबंधी आवश्यक संसाधनों के लिए परेशान होना पड़ रहा है और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय और कृषि व्यवस्था को मजबूत किए बिना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती नहीं दी जा सकती।
जेपीएनआईसी को लेकर सरकार को घेरा
जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी जेपीएनआईसी को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी का समाजवादी विचारधारा और समाजवादियों से भावनात्मक जुड़ाव है।
उन्होंने सरकार द्वारा जेपीएनआईसी को बेचे जाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इस मामले में सरकार से जवाब मांगा। अखिलेश यादव ने दावा किया कि जेपीएनआईसी में आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं और यहां पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी है। उन्होंने सरकार से इसके प्रस्तावित सौदे और उससे जुड़े निर्णयों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शामली में गायक अंकित बालियान की हत्या का मुद्दा उठाते हुए दोषियों के खिलाफ जल्द और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की हत्या गंभीर मामला है और ऐसे मामलों में पुलिस एवं प्रशासन को निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने हिरासत में मौतों और जंगली जानवरों के हमलों में लोगों की मौत से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सतर्क रहने की अपील
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव से पहले मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी की जरूरत है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची को लेकर सतर्क रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर संबंधित अधिकारियों के सामने मामला उठाएं।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को दिया संदेश
इससे पहले अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए काम करने का संकल्प दोहराया।
समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने अखिलेश यादव को राखी बांधी। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर समाजवादी पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर खिलाड़ियों का स्वागत
समाजवादी पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोही सागर कसाना और उनके साथियों का भी स्वागत किया गया। अखिलेश यादव ने खिलाड़ियों और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की बात कही।
उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें उचित संसाधन और मंच उपलब्ध कराने की है।
डॉ. अरुण कुमार की पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान हरदोई निवासी डॉ. अरुण कुमार की पुस्तक ‘द साइलेंट रिबेलियन: लेबर, कास्ट एंड एजुकेशन इन कोलोनियल इंडिया’ का भी विमोचन किया गया।
पुस्तक के माध्यम से औपनिवेशिक भारत में श्रम, जाति और शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई है। इस अवसर पर शिक्षा और सामाजिक विषयों पर लेखन एवं शोध के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
अंकित बालियान हत्याकांड में पीड़ित परिवार से मिले सपा नेता
शामली के बंतीखेड़ा निवासी गायक अंकित बालियान की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। सपा सांसद चौधरी इकरा हसन और विधायक चौधरी नाहिद हसन ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
सपा नेताओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने की मांग की। पार्टी की ओर से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
चुनावी माहौल के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। समाजवादी पार्टी लगातार भाजपा सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर सवाल उठा रही है।
स्वास्थ्य, महंगाई, किसान, कानून-व्यवस्था और मतदाता सूची जैसे मुद्दों को उठाकर सपा आगामी चुनाव के लिए अपने राजनीतिक एजेंडे को धार देने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आने की संभावना है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई ऐसे मुद्दे सामने आए जिन्हें समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान प्रमुखता से उठा सकती है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर महंगाई, किसान, कानून-व्यवस्था और जेपीएनआईसी तक, अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की कोशिश की।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब

