CM Fadnavis News: आदिवासी छात्रों के आगे झुकी महाराष्ट्र सरकार, 17 दिन बाद सभी प्रमुख मांगें मानीं
मुंबई/पुणे, 29 अगस्त 2026। महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों की मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन शनिवार को बड़े फैसले के बाद समाप्त होने की दिशा में बढ़ गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद राज्य सरकार ने आदिवासी छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। इसके बाद सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भूख हड़ताल समाप्त कर पढ़ाई पर लौटने की अपील की है।
आदिवासी छात्र पिछले 17 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। पुणे, नागपुर और नासिक समेत कई जगहों पर छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू की थी। छात्रों की मांगों में अनुसूचित जनजाति (ST) उम्मीदवारों के लिए सरकारी पदों पर भर्ती, आदिवासी आवासीय स्कूलों की व्यवस्था में सुधार और अन्य शैक्षणिक एवं सामाजिक मुद्दे शामिल थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ हुई अहम बैठक
महाराष्ट्र सरकार और आदिवासी छात्र प्रतिनिधियों के बीच लंबे समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष छात्रों की मांगों पर चर्चा की गई।
इसके बाद महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने सरकार के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने छात्रों की मांगों को सकारात्मक रूप से लिया है और सरकार उन्हें लिखित आश्वासन देने की प्रक्रिया में है।
12,500 ST पदों पर भर्ती की मांग
आदिवासी छात्रों की प्रमुख मांगों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 12,500 पदों पर भर्ती से जुड़ा मुद्दा भी शामिल था। छात्रों का कहना था कि लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
सरकार की ओर से इस मामले में सकारात्मक रुख अपनाए जाने के बाद छात्रों को जल्द ही लिखित आश्वासन देने की बात कही गई है। छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार भर्ती से संबंधित आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
गढ़चिरौली आवासीय स्कूल में मौतों का मुद्दा
प्रदर्शनकारी छात्रों ने गढ़चिरौली के एक ST आवासीय स्कूल में तीन छात्रों की मौत का मुद्दा भी उठाया था। छात्रों की मांग थी कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और आवासीय स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
मंत्री अशोक उइके ने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार ने सकारात्मक चर्चा की है। छात्रों को इन मुद्दों पर लिखित रूप से आश्वासन देने की बात कही गई है।
आवासीय स्कूलों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
सरकार ने आदिवासी आवासीय स्कूलों की व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही है। रिपोर्टों के मुताबिक सरकारी आश्रम स्कूलों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा।
इसका उद्देश्य स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं की स्वतंत्र समीक्षा करना है। छात्रों की ओर से लंबे समय से आवासीय स्कूलों की गुणवत्ता और सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
17 दिन बाद खत्म हुआ भूख हड़ताल आंदोलन
मांगों पर सरकार की सहमति के बाद आदिवासी छात्रों ने अपना 17 दिन पुराना भूख हड़ताल आंदोलन वापस लेने का फैसला किया। महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सरकार द्वारा मांगें स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त किया।
सरकार ने छात्रों से अपील की है कि वे अब अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। लंबे समय तक चले आंदोलन के कारण छात्रों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर असर पड़ने की चिंता भी जताई जा रही थी।
सरकार और विपक्ष के बीच भी सियासी बयानबाजी
आदिवासी छात्रों के आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में भी बयानबाजी तेज रही। बीजेपी नेता और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस पर इस आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया और समाधान की दिशा में कदम उठाए।
वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर देरी करने का आरोप लगाया था। 17 दिनों तक चले आंदोलन के बाद सरकार द्वारा मांगें स्वीकार किए जाने को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
CM फडणवीस ने नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों पर भी लिया अपडेट
इसी बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद वहां फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षित वापसी को लेकर भी लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं।
राज्य सरकार के अनुसार नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकारी एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। शनिवार को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 404 महाराष्ट्र निवासी सुरक्षित होने की पुष्टि हुई थी और 338 लोगों से संपर्क स्थापित किया गया था। कई नागरिकों की वापसी भी शुरू हो चुकी थी।
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के लोगों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तेज राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। महाराष्ट्र लौट रहे नागरिकों ने राज्य और केंद्र सरकार के प्रयासों के लिए आभार भी जताया।
सरकार के सामने अब बड़ी चुनौती
आदिवासी छात्रों की मांगें स्वीकार किए जाने के बाद अब सरकार के सामने इन फैसलों को जमीन पर लागू करने की चुनौती है। छात्रों को लिखित आश्वासन देने के साथ-साथ भर्ती, मुआवजा और आवासीय स्कूलों से जुड़े फैसलों को समयबद्ध तरीके से लागू करना होगा।
छात्र संगठनों की ओर से भी सरकार के फैसलों पर नजर रखी जाएगी। यदि घोषित फैसलों के क्रियान्वयन में देरी होती है तो आने वाले समय में छात्र संगठन फिर से आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के 17 दिन लंबे भूख हड़ताल आंदोलन के बाद सरकार द्वारा प्रमुख मांगें स्वीकार करना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए एक अहम राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों को कितनी तेजी से लागू किया जाता है।
रिपोर्टर; जसलीन कौर, मुख्य प्रबंधक

