Team India Fitness Test: श्रीलंका दौरे के 48 घंटे बाद खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट, Bronco और Yo-Yo पर फोकस
नई दिल्ली, 30 अगस्त 2026। श्रीलंका दौरे की थकान अभी पूरी तरह उतरी भी नहीं थी कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों को अगले मिशन की तैयारी में जुटना पड़ा। दो टेस्ट मैचों की सीरीज खत्म होने के महज 48 घंटे बाद भारतीय खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट कराया गया। यह टेस्ट BCCI के Centre of Excellence (COE) में आयोजित किया गया, जहां खिलाड़ियों की फिटनेस और आगामी व्यस्त क्रिकेट सीजन के लिए उनकी तैयारी परखी गई।
भारतीय टीम का आने वाला क्रिकेट कैलेंडर काफी व्यस्त रहने वाला है। घरेलू क्रिकेट, अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और अलग-अलग फॉर्मेट की जिम्मेदारियों के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर BCCI लगातार निगरानी रख रहा है।
48 घंटे बाद ही शुरू हुई अगली तैयारी
श्रीलंका दौरे के बाद खिलाड़ियों को लंबे आराम का मौका नहीं मिला। दो टेस्ट मैचों की सीरीज समाप्त होने के करीब 48 घंटे बाद ही खिलाड़ी फिटनेस टेस्ट के लिए पहुंच गए।
आगामी सीजन में भारतीय खिलाड़ियों को लगातार क्रिकेट खेलना है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट और BCCI के लिए खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।
खास तौर पर टेस्ट क्रिकेट के बाद खिलाड़ियों के शरीर पर पड़ने वाले शारीरिक दबाव को देखते हुए फिटनेस टेस्ट के जरिए यह जानने की कोशिश की गई कि खिलाड़ी अगले चरण के लिए कितने तैयार हैं।
Bronco Test रहा खास आकर्षण
फिटनेस टेस्ट में Bronco Test सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इस टेस्ट में खिलाड़ियों को अलग-अलग दूरी के बीच लगातार शटल रन करना होता है।
इसमें खिलाड़ी 0, 20, 40 और 60 मीटर के बीच दौड़ते हैं। पांच सेट पूरे करने के बाद कुल दूरी करीब 1,200 मीटर हो जाती है।
Bronco Test का उद्देश्य खिलाड़ियों की एरोबिक फिटनेस, रिकवरी क्षमता और रनिंग एंड्योरेंस को परखना है। क्रिकेट जैसे खेल में लंबे समय तक मैदान पर सक्रिय रहने वाले खिलाड़ियों के लिए यह टेस्ट काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
Yo-Yo Test पर भी नजर
Bronco Test के अलावा खिलाड़ियों की फिटनेस को परखने के लिए Yo-Yo Test भी अहम रहा। Yo-Yo टेस्ट लंबे समय से क्रिकेटरों की फिटनेस जांचने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
इस टेस्ट में खिलाड़ियों को निर्धारित गति और अंतराल के अनुसार दौड़ना होता है। जैसे-जैसे टेस्ट आगे बढ़ता है, दौड़ने की गति बढ़ती जाती है। इससे खिलाड़ियों की सहनशक्ति और रिकवरी क्षमता का आकलन किया जाता है।
BCCI द्वारा फिटनेस पर इतना जोर देने की वजह आगामी क्रिकेट सीजन का बेहद व्यस्त कार्यक्रम भी है।
भारतीय टीम का सीजन रहेगा व्यस्त
टीम इंडिया के खिलाड़ियों को आने वाले समय में अलग-अलग फॉर्मेट और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना है। इसके अलावा कई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा सकते हैं।
लगातार क्रिकेट खेलने के कारण खिलाड़ियों पर चोट का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे में नियमित फिटनेस टेस्ट के जरिए खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो जाता है।
टीम मैनेजमेंट चाहता है कि खिलाड़ी मैदान पर पूरी तरह फिट होकर उतरें और लंबे क्रिकेट सीजन के दौरान अपनी फिटनेस बनाए रखें।
ऋषभ पंत, यशस्वी और जडेजा जैसे खिलाड़ियों पर भी फोकस
भारतीय टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें लगातार अलग-अलग फॉर्मेट में खेलना पड़ता है। ऋषभ पंत, यशस्वी जायसवाल और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों के लिए फिटनेस बेहद अहम है।
खासकर टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों को लंबे समय तक मैदान पर रहना पड़ता है। इसके बाद सीमित ओवरों के मुकाबलों में भी तेज गति और ज्यादा शारीरिक सक्रियता की जरूरत होती है।
ऐसे में फिटनेस टेस्ट के जरिए खिलाड़ियों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया।
फिटनेस को लेकर BCCI का सख्त रुख
BCCI पिछले कुछ समय से भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर काफी गंभीर रहा है। खिलाड़ियों के वर्कलोड को मैनेज करने के साथ-साथ उनकी फिटनेस पर नियमित नजर रखी जा रही है।
लगातार क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए फिटनेस सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन से जुड़ी चीज नहीं है, बल्कि चोट से बचने और पूरे सीजन उपलब्ध रहने के लिए भी जरूरी है।
इसी वजह से टीम के खिलाड़ियों को नियमित फिटनेस टेस्ट से गुजरना पड़ता है।
आगे क्या है टीम इंडिया का मिशन?
श्रीलंका दौरे के बाद टीम इंडिया का क्रिकेट कैलेंडर काफी व्यस्त रहने वाला है। अलग-अलग फॉर्मेट में मुकाबलों के साथ खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट और अन्य क्रिकेट प्रतिबद्धताओं का भी सामना करना होगा।
ऐसे में BCCI और टीम मैनेजमेंट की कोशिश है कि खिलाड़ियों को शुरुआत से ही फिट रखा जाए। Bronco और Yo-Yo टेस्ट इसी तैयारी का हिस्सा हैं।
निष्कर्ष
श्रीलंका दौरे के महज 48 घंटे बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट यह दिखाता है कि आगामी क्रिकेट सीजन को लेकर टीम मैनेजमेंट कितनी गंभीरता से तैयारी कर रहा है। Bronco Test और Yo-Yo Test के जरिए खिलाड़ियों की फिटनेस, सहनशक्ति और रिकवरी क्षमता का आकलन किया गया। लंबे और व्यस्त क्रिकेट सीजन में खिलाड़ियों को चोट से बचाए रखना और उनकी फिटनेस बनाए रखना BCCI के लिए बड़ी चुनौती होगी।
रिपोर्टर; चरणप्रीत सिंह, मुख्य संवाददता देहरादून

