बिजनौर पुलिस के 5 कर्मी सस्पेंड, बिना वरिष्ठ अधिकारियों को बताए गुरुग्राम में की थी छापेमारी
बिजनौर, 30 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक सब-इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए बिना हरियाणा के गुरुग्राम में छापेमारी की थी। पुलिस टीम एक मामले में वांछित आरोपी की तलाश में गुरुग्राम पहुंची थी और वहां से आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने रविवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नंगल थाना पुलिस 25 अगस्त को दर्ज एक मामले में वांछित टिसोत्रा निवासी पंकज की तलाश कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के गुरुग्राम में होने की जानकारी मिली थी।
गुरुग्राम पहुंची थी बिजनौर पुलिस की टीम
आरोपी की तलाश में नंगल थाने की पुलिस टीम गुरुग्राम पहुंची। टीम ने वहां छापेमारी कर वांछित आरोपी पंकज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी को पकड़ने में टीम सफल रही, लेकिन दूसरे राज्य में इस तरह की कार्रवाई करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
बताया गया कि पुलिसकर्मियों ने गुरुग्राम में कार्रवाई के संबंध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पहले से सूचना नहीं दी थी। इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की।
सब-इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित
मामले की जांच के बाद एक सब-इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक दूसरे राज्य में किसी आरोपी की गिरफ्तारी या छापेमारी के लिए स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय करना जरूरी होता है।
पुलिसकर्मियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने को विभागीय अनुशासन का उल्लंघन माना गया। इसके बाद अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए पांचों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
आरोपी पंकज गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि जिस आरोपी पंकज की तलाश की जा रही थी, उसे गुरुग्राम में कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी 25 अगस्त को दर्ज एक मामले में वांछित था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
हालांकि, आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस टीम की कार्रवाई को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते समय तय नियमों और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
दूसरे राज्य में कार्रवाई के लिए जरूरी है समन्वय
किसी दूसरे राज्य में जाकर पुलिस कार्रवाई करने के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन को जानकारी देना और आवश्यक समन्वय करना महत्वपूर्ण होता है। इससे कार्रवाई के दौरान कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जा सकता है।
बिजनौर पुलिस के इन पांच कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को बिना जानकारी दिए गुरुग्राम में छापेमारी करने के मामले में विभाग ने इसी प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई की है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी को गिरफ्तार करना जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, लेकिन कार्रवाई का तरीका विभागीय नियमों के अनुरूप होना चाहिए। इसी आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
क्या है पूरा मामला?
25 अगस्त को एक मामले में टिसोत्रा निवासी पंकज के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत थी। नंगल थाना पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जांच के दौरान उसके गुरुग्राम में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन इस कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को पहले से नहीं दी गई थी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और सब-इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
फिलहाल आरोपी पंकज पुलिस की हिरासत में है और मामले की जांच आगे जारी है। वहीं निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्टर; तेजिंदर सिंह, मुख्य संवाददता उत्तराखण्ड

