CM Omar Abdullah के सामने BJP-NC का शक्ति प्रदर्शन, पुलिस पर भेदभाव के आरोप से बढ़ा सियासी तनाव
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बुधवार को सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और विपक्षी बीजेपी के अलग-अलग प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपने-अपने मुद्दों को लेकर सरकार तथा केंद्र पर निशाना साधा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने दोनों दलों के प्रदर्शनों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया।
BJP ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर के लाल चौक स्थित घंटाघर से मार्च निकाला। पार्टी ने जम्मू-कश्मीर सरकार के खिलाफ बेरोजगारी, महंगाई, बिजली की कीमतों और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए। बीजेपी की ओर से सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए गए और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से इस्तीफा देकर राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर नया जनादेश लेने की चुनौती भी दी।
बीजेपी का प्रस्तावित मार्च सिविल सचिवालय की ओर था। पार्टी नेताओं का कहना था कि जम्मू-कश्मीर में आम लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
NC ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई
बीजेपी के प्रदर्शन के जवाब में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी श्रीनगर में प्रदर्शन किया। NC नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई। पार्टी ने केंद्र सरकार पर अपने वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया।
NC का प्रदर्शन बीजेपी कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और NC कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।
CM Omar Abdullah ने पुलिस-प्रशासन पर लगाए आरोप
प्रदर्शनों के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शनों के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं किया गया।
उमर अब्दुल्ला का आरोप है कि बीजेपी नेताओं को प्रदर्शन के दौरान आगे बढ़ने की अनुमति दी गई, जबकि NC नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोका गया। उन्होंने दावा किया कि NC के कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने खींचकर हटाया और कुछ लोगों को चोटें भी आईं। ये मुख्यमंत्री के आरोप हैं।
मुख्यमंत्री ने बीजेपी की ओर से उनके इस्तीफे की मांग को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को जनता ने पांच साल के लिए जनादेश दिया है और वह अपना कार्यकाल पूरा करेगी। उमर ने बीजेपी के भ्रष्टाचार और कथित बैकडोर नियुक्तियों के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया।
राज्य के दर्जे का मुद्दा बना बड़ा राजनीतिक हथियार
जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस के केंद्र में है। नेशनल कॉन्फ्रेंस का कहना है कि केंद्र सरकार ने राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया था और अब इस वादे को पूरा किया जाना चाहिए।
NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी केंद्र पर राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी और अपने रुख से पीछे नहीं हटेगी।
दूसरी ओर, बीजेपी राज्य सरकार के कामकाज और स्थानीय मुद्दों को लेकर लगातार हमलावर है। दोनों दलों के समानांतर प्रदर्शनों ने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।
श्रीनगर में बढ़ाई गई सुरक्षा
दोनों पार्टियों के एक ही दिन अलग-अलग प्रदर्शन को देखते हुए श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। प्रशासन की कोशिश रही कि दोनों प्रदर्शनों के बीच किसी तरह का टकराव न हो। हालांकि, NC प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिली।
श्रीनगर की सड़कों पर हुए इस राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा, बेरोजगारी, बिजली दरों और शासन व्यवस्था जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा

