15 साल के ‘बेबी बॉस’ पर फिदा कृष्णमाचारी श्रीकांत, बोले- Vaibhav Sooryavanshi बन सकते हैं विश्व क्रिकेट के सुपरस्टार
नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi की जमकर तारीफ की है। श्रीकांत का मानना है कि वैभव में आने वाले समय में विश्व क्रिकेट का बड़ा सितारा बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने युवा बल्लेबाज के बेखौफ अंदाज और गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया।
बेखौफ बल्लेबाजी है वैभव की सबसे बड़ी ताकत
कृष्णमाचारी श्रीकांत के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में सबसे खास बात उनका निडर रवैया है। वह केवल टी20 या सीमित ओवरों के क्रिकेट में ही आक्रामक नजर नहीं आते, बल्कि रेड-बॉल क्रिकेट में भी गेंदबाजों पर उसी आत्मविश्वास के साथ हमला कर रहे हैं।
श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि इतनी कम उम्र में मिली सफलता के बाद वैभव को सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की जरूरत है। उनका मानना है कि अगर इस युवा खिलाड़ी को सही तरीके से तैयार किया गया, तो वह विश्व क्रिकेट में बड़ा नाम बन सकता है।
‘बेबी बॉस’ की वजह से दलीप ट्रॉफी देखने लगी पत्नी
वैभव की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए श्रीकांत ने बताया कि उनकी बल्लेबाजी ने घरेलू क्रिकेट में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ाई है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी पत्नी भी वैभव की वजह से दलीप ट्रॉफी देखने लगी थीं।
श्रीकांत के मुताबिक, वैभव के प्रदर्शन की वजह से लोगों का ध्यान दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट की ओर गया। उन्होंने युवा बल्लेबाज को भविष्य के लिए भारतीय क्रिकेट की बड़ी संपत्ति बताया।
दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में मचाया तहलका
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए शानदार बल्लेबाजी की। सेंट्रल जोन के खिलाफ पहली पारी में उन्होंने सिर्फ 81 गेंदों पर 92 रन बनाए। उनकी पारी में आक्रामक शॉट्स की भरमार देखने को मिली।
दूसरी पारी में भी वैभव ने 40 रनों की तेज पारी खेली। ईस्ट जोन ने यह मुकाबला चार विकेट से जीतकर दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई।
दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक
इस मुकाबले के दौरान वैभव ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बने। इससे पहले भी वह कम उम्र में बड़े स्तर पर प्रभावशाली पारियां खेलकर सुर्खियां बटोर चुके हैं।
वैभव की 92 रनों की पारी को घरेलू क्रिकेट में उनके बढ़ते प्रभाव के तौर पर देखा गया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने यह भी दिखाया कि वह सिर्फ छोटे प्रारूप के खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि रेड-बॉल क्रिकेट में भी अपने अंदाज से विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बना सकते हैं।
श्रीकांत ने रेड-बॉल क्रिकेट को लेकर भी की तारीफ
श्रीकांत ने खास तौर पर इस बात की तारीफ की कि वैभव रेड-बॉल क्रिकेट में भी गेंदबाजों से डरते नहीं हैं। उनके मुताबिक, युवा बल्लेबाज मध्यम गति के गेंदबाजों के खिलाफ भी आक्रामक शॉट खेलने से पीछे नहीं हटते।
पूर्व भारतीय ओपनर का मानना है कि वैभव हर स्तर का क्रिकेट खेलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सही तरीके से तैयार किए जाने पर यह युवा बल्लेबाज आने वाले समय में सभी प्रारूपों में अपनी पहचान बना सकता है।
सही मार्गदर्शन सबसे जरूरी
श्रीकांत ने वैभव के लिए सबसे जरूरी चीज के तौर पर सही मार्गदर्शन को बताया। इतनी कम उम्र में मिलने वाली लोकप्रियता और सफलता के बीच युवा खिलाड़ी को लगातार सही दिशा देना महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि वैभव को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और उन्हें हतोत्साहित करने से बचना चाहिए। श्रीकांत के मुताबिक, अगर वैभव को सही तरीके से तैयार किया गया तो वह विश्व क्रिकेट के सुपरस्टार बनने की राह पर आगे बढ़ सकते हैं।
Vaibhav Sooryavanshi ने पिछले कुछ समय में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। अब कृष्णमाचारी श्रीकांत जैसे पूर्व भारतीय दिग्गज की तारीफ से उनके भविष्य को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
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