CM Devendra Fadnavis का बड़ा ऐलान, महाराष्ट्र के सभी किलों से हटेंगे अवैध कब्जे
पुणे: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री CM Devendra Fadnavis ने ऐतिहासिक किलों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे जिले के सभी किले अब अवैध निर्माण और अतिक्रमण से मुक्त हैं और राज्य सरकार महाराष्ट्र के अन्य किलों से भी अवैध संरचनाओं को हटाने के लिए अभियान चलाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह बात छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर शिवनेरी किले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
पुणे के किलों को किया गया अतिक्रमण मुक्त
CM Devendra Fadnavis ने बताया कि सरकार की ओर से किलों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। शिकायतों के बाद सरकार ने राज्य के ऐतिहासिक किलों को अतिक्रमण मुक्त कराने का फैसला लिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार इस अभियान के तहत पुणे जिले के सभी किलों से अवैध संरचनाएं हटा दी गई हैं। अब सरकार का लक्ष्य महाराष्ट्र के दूसरे किलों को भी अवैध कब्जों से मुक्त कराना है।
पूरे महाराष्ट्र में चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किलों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर सरकार की कार्रवाई सिर्फ पुणे तक सीमित नहीं रहेगी। महाराष्ट्र के अन्य ऐतिहासिक किलों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य इन ऐतिहासिक स्थलों की विरासत और मूल स्वरूप को सुरक्षित रखना है। किलों पर अवैध निर्माण को हटाने के साथ-साथ भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए भी निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
शिवनेरी किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि
CM Fadnavis ने शिवनेरी किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती समारोह में हिस्सा लिया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। शिवनेरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिवाजी महाराज के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को साथ लेकर स्वराज की स्थापना की और इतिहास एवं भूगोल को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
UNESCO विरासत में शामिल किलों का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के किलों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े 12 किलों को UNESCO की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है।
उन्होंने इसे महाराष्ट्र और देश के लिए गौरव की बात बताया। सरकार का कहना है कि इन ऐतिहासिक किलों की विरासत को संरक्षित रखना जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनके ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें।
ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने पर जोर
महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में ऐतिहासिक किले हैं। इनमें कई किले केंद्रीय और राज्य संरक्षण में हैं, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे किले भी हैं जो औपचारिक रूप से संरक्षित नहीं हैं। सरकार पहले भी किलों पर अतिक्रमण हटाने के लिए जिला स्तर पर समितियां बनाने और चरणबद्ध कार्रवाई करने की योजना घोषित कर चुकी है।
अब मुख्यमंत्री के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि सरकार इस अभियान को आगे भी जारी रखेगी और ऐतिहासिक किलों को अवैध निर्माण से मुक्त कराने पर ध्यान देगी।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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