तुकाराम मुंढे का बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र FDA ने 12 हजार से ज्यादा संस्थानों पर की कार्रवाई
तुकाराम मुंढे की सख्ती से महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा अभियान तेज, बोले- मेरा फोकस सिर्फ पब्लिक हेल्थ पर
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई लगातार चर्चा में है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। उनकी सख्त कार्रवाई के कारण वे आम लोगों के बीच भी काफी लोकप्रिय हुए हैं।
लोकप्रियता को लेकर क्या बोले तुकाराम मुंढे?
खाद्य सुरक्षा अभियान के चलते सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो रहे तुकाराम मुंढे से जब उनकी बढ़ती लोकप्रियता और उसके काम पर असर को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनका ध्यान लोकप्रियता पर नहीं, बल्कि जन स्वास्थ्य और अपनी जिम्मेदारी पर है।
मुंढे का कहना है कि वह पिछले करीब दो दशकों से प्रशासनिक सेवा में इसी तरह काम करते आ रहे हैं। उनके लिए पद या लोकप्रियता से ज्यादा महत्वपूर्ण नियमों का पालन करवाना और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
उनकी कार्यशैली को लेकर लोगों में चर्चा इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि FDA की टीमें छोटे खाद्य प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े होटल और मशहूर फूड चेन तक की जांच कर रही हैं। कई जगह नियमों का उल्लंघन मिलने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए हैं।
मई से लगातार जारी है कार्रवाई
तुकाराम मुंढे ने मई 2026 में महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग की कार्रवाई में तेजी आई। उनके नेतृत्व में बड़े पैमाने पर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और नमूनों की जांच की गई।
हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जून से अगस्त 2026 के बीच FDA ने खाद्य पदार्थों, दवाओं और कॉस्मेटिक्स के 37,604 नमूने जांच के लिए लिए। इनमें से 32,604 नमूनों की जांच पूरी हो चुकी थी। जांच में 15,268 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। अकेले खाद्य पदार्थों के 15,160 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।
FDA के अनुसार, पिछले साल की तुलना में खाद्य नमूने जुटाने और उनकी जांच की संख्या में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसका उद्देश्य मिलावटी, नकली और घटिया खाद्य पदार्थों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
होटल और रेस्टोरेंट पर भी सख्ती
तुकाराम मुंढे की अगुवाई में मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक सहित कई शहरों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई है। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और अन्य कानूनी कार्रवाई की गई।
FDA की कार्रवाई सिर्फ छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रही। बड़े ब्रांड, होटल, कैंटीन और फूड चेन भी जांच के दायरे में आए हैं।
हालांकि, कुछ मामलों में FDA की कार्रवाई को लेकर कानूनी सवाल भी उठे हैं। मुंबई हाई कोर्ट ने कुछ कार्रवाइयों पर कड़ी टिप्पणियां कीं और विभाग की प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे। इसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के बीच संतुलन को लेकर भी चर्चा शुरू हुई।
एक्सपायरी डेट बदलकर बेचने का मामला भी सामने आया
हाल ही में महाराष्ट्र FDA ने नवी मुंबई में एक कथित रैकेट का खुलासा किया, जिसमें पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट में कथित तौर पर बदलाव किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मैगी, लेज, कुरकुरे और अन्य स्नैक्स समेत कई उत्पाद जब्त किए गए।
इस मामले में संबंधित कंपनी का लाइसेंस निलंबित किया गया और पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की गई। इससे पैकेज्ड फूड की लेबलिंग और एक्सपायरी डेट को लेकर उपभोक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आया।
भंडारे और सामूहिक भोजन पर भी नए निर्देश
खाद्य सुरक्षा को लेकर FDA ने धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भोजन वितरण को लेकर भी सख्ती बढ़ाई है। हालिया निर्देशों के मुताबिक भंडारे, सामूहिक भोजन और अन्य बड़े खाद्य वितरण कार्यक्रमों के आयोजकों को पहले से FDA को सूचना देने और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने की जरूरत होगी। इसका उद्देश्य बड़े आयोजनों में भोजन से होने वाली बीमारियों और अस्वच्छता के जोखिम को कम करना है।
FSSAI ने भी की मुंढे की कार्रवाई की तारीफ
तुकाराम मुंढे की कार्यशैली को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के प्रमुख रजीत पुन्हानी ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने FDA में तैनाती को ‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ मानने की सोच को गलत बताया और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत प्रवर्तन की जरूरत पर जोर दिया।
राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव पर क्या बोले?
तुकाराम मुंढे ने अपने ऊपर किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि वह लंबे समय से प्रशासनिक सेवा में हैं और नियमों के अनुसार काम करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।
उनके अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य कारोबार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आम लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। यही वजह है कि उनकी सख्ती की जहां एक ओर प्रशंसा हो रही है, वहीं कुछ कारोबारी और कानूनी मामलों में उनकी कार्रवाई पर सवाल भी उठे हैं।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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