स्कूल एडमिशन फॉर्म जाति कॉलम हटेगा, CM सुक्खू ने दिए निर्देश
शिमला, 27 अगस्त 2026: स्कूल एडमिशन फॉर्म जाति कॉलम अब हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से नहीं होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को स्कूलों के एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह फैसला हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए लिया।
जातिगत भेदभाव खत्म करने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार समाज में जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने और भाईचारे व समानता की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्कूल एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाना इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार का मानना है कि स्कूल स्तर पर बच्चों की पहचान को जाति के आधार पर अलग तरीके से दर्ज करने की प्रक्रिया को कम करने से उनमें किसी प्रकार की हीन भावना पैदा होने की संभावना भी कम होगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए देनी होगी जाति की जानकारी
हालांकि, जाति का कॉलम स्कूल एडमिशन फॉर्म से हटाया जाएगा, लेकिन अनुसूचित जाति समुदाय के छात्रों को सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अपनी जाति की जानकारी देनी होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जाति से संबंधित जानकारी को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा रहा है। सरकारी योजनाओं और आरक्षित वर्ग के लिए उपलब्ध लाभों का फायदा लेने के लिए आवश्यक विवरण पहले की तरह उपलब्ध कराया जा सकेगा।
अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं पर भी चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए और अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है।
छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का लोन
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेधावी छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए सरकार 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध करा रही है। इस ऋण पर एक प्रतिशत की ब्याज दर रखी गई है, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण किसी छात्र को अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
स्वरोजगार योजना के तहत सब्सिडी
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर योजना का भी जिक्र किया। इसके तहत 100 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।
आदिवासी क्षेत्रों में परियोजनाओं के लिए पांच प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों में चार प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी।
गरीब परिवारों के लिए ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बेहद गरीब परिवारों के लिए ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ लागू करने जा रही है। इसके तहत पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने और इन परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की पेंशन देने का प्रावधान बताया गया है।
कल्याणकारी योजनाओं के लिए करोड़ों का बजट
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने बैठक में बताया कि चालू वित्त वर्ष में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 315 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के तहत 1,105 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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