आपकी वेबसाइट के लिए आज, 8 सितंबर 2026 की सबसे ताजा CM Himachal खबर को प्राथमिकता देते हुए पूरा आर्टिकल नीचे है। मुख्य खबर स्वास्थ्य विभाग, विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए NPA और कैंसर उपचार पर ₹800 करोड़ के निवेश से जुड़ी है। Amar Ujala+1
CM Himachal News Today: विशेषज्ञ डॉक्टरों को NPA देने पर विचार, कैंसर इलाज के लिए ₹800 करोड़ का बड़ा ऐलान
CM Himachal News Today: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार चिकित्सा अधिकारियों (विशेषज्ञों) को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस यानी NPA देने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश में बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए कैंसर देखभाल संस्थानों को मजबूत करने के लिए करीब 800 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। Amar Ujala+1
विशेषज्ञ डॉक्टरों को NPA देने पर विचार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 7 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था, मेडिकल कॉलेजों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा अधिकारियों, विशेष रूप से विशेषज्ञ मेडिकल अधिकारियों को Non-Practising Allowance (NPA) देने पर विचार कर रही है।
NPA का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों को बनाए रखने और उन्हें बेहतर प्रोत्साहन देना है। सरकार का मानना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से प्रदेश के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों की ओर कम जाना पड़ेगा। The News Mill
कैंसर उपचार के लिए ₹800 करोड़ खर्च करेगी सरकार
हिमाचल प्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने कैंसर देखभाल सुविधाओं को मजबूत करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार कैंसर केयर संस्थानों को बेहतर बनाने के लिए सरकार करीब ₹800 करोड़ का निवेश करेगी। इस राशि का इस्तेमाल कैंसर उपचार से जुड़े संस्थानों को मजबूत करने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने में किया जाएगा। Amar Ujala+1
सरकार का लक्ष्य मरीजों को प्रदेश में ही बेहतर और आधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक मशीनों की खरीद पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की बैठक में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की जरूरत पर भी चर्चा हुई। सरकार कैंसर सहित गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक मशीनरी और तकनीक उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
इससे सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की उपचार क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने की तैयारी
CM सुक्खू ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने को सरकार की प्राथमिकता बताया है।
सरकार का फोकस केवल नई मशीनें खरीदने तक सीमित नहीं है। मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पद भरने, विशेषज्ञ सेवाओं को बेहतर करने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। The News Mill
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करना हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को कई बार इलाज के लिए शिमला, चंडीगढ़ या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।
विदेश एक्सपोजर पर भी सरकार का फोकस
स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सा विद्यार्थियों और फैकल्टी के विदेश एक्सपोजर विजिट की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा और उपचार के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और नई पद्धतियों से छात्रों तथा डॉक्टरों को परिचित कराना है। Amar Ujala
44 BTech छात्रों का जापान दौरा भी चर्चा में
CM सुक्खू सरकार की ओर से युवाओं को अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर देने की पहल भी हाल में चर्चा में रही है। हिमाचल के 44 मेधावी BTech छात्रों को जापान इंटरनेशनल एक्सपोजर टूर-2026 पर भेजा गया है।
यह दौरा 6 से 12 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित दूसरा अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम है। India Gazette
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को जापान की तकनीक, इंडस्ट्री और आधुनिक शोध व्यवस्था से परिचित कराना है।
शिक्षा व्यवस्था में भी सरकार के सामने चुनौतियां
हिमाचल सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रयास कर रही है, लेकिन राज्य के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सरकार ने विधानसभा में बताया था कि करीब 150 सरकारी स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं है, जबकि लगभग 3,500 स्कूल केवल एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। सरकार ने शिक्षक नियुक्तियों और दूरदराज क्षेत्रों में स्टाफ की तैनाती के लिए नीति बनाने की बात कही है। The Tribune
राजनीति में भी बयानबाजी तेज
स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े फैसलों के अलावा हिमाचल की राजनीति में CM सुक्खू सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने BJP सांसद कंगना रनौत के एक DISHA बैठक में कथित व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिकारियों से जवाब मांगने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए उचित मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। The News Mill
इस मुद्दे को लेकर हिमाचल की सियासत में फिर से बयानबाजी देखने को मिल रही है।
माइनिंग से ₹3,000 करोड़ राजस्व जुटाने की योजना
हिमाचल सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए खनन क्षेत्र पर भी ध्यान दे रही है। CM सुक्खू ने अलग माइनिंग विभाग बनाने और नई ड्रेजिंग नीति लाने की योजना की जानकारी दी है।
सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से राज्य को भविष्य में करीब ₹3,000 करोड़ तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। Web India News
रोपवे परियोजनाओं पर भी सरकार का फोकस
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल में रोपवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना है। बड़े प्रोजेक्ट की लागत को देखते हुए सरकार PPP और EAP मॉडल के जरिए निवेश जुटाने पर विचार कर रही है।
इससे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने और राज्य के पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

