Yemen Conflict: सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों पर किया जवाबी हमला, यमन में कई मोर्चों पर तेज हुई जंग
यमन: यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच कई मोर्चों पर लड़ाई तेज हो गई है। हालिया घटनाक्रम में हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर बड़े हमलों के बाद सऊदी समर्थित बलों ने यमन में जवाबी कार्रवाई की है।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में कई शहरों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में 73 लोग घायल हुए और कई तेल प्रतिष्ठानों तथा अन्य सुविधाओं में आग लगने की खबर सामने आई।
हूती हमलों के बाद सऊदी अरब का जवाब
हूती हमलों के बाद सऊदी अरब ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद यमन के कई इलाकों में सऊदी समर्थित बलों की सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं।
रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी समर्थित बलों ने यमन के ताइज और मारिब प्रांतों में हूती ठिकानों को निशाना बनाया। हूती मीडिया ने भी इन हमलों की जानकारी दी है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों की ओर से हर हमले के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई थी।
चार यमनी प्रांतों में हमले का दावा
हूती प्रवक्ता नसरुद्दीन आमेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि सऊदी समर्थित बलों ने रातभर में यमन के चार प्रांतों में हवाई हमले किए।
हूती पक्ष ने इन हमलों की संख्या 32 बताई है। हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि तुरंत नहीं हो सकी। दूसरी ओर, ताजा अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भी यमन के ताइज और मारिब जैसे इलाकों में सऊदी समर्थित बलों की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
ताइज में भीषण लड़ाई
यमन के ताइज प्रांत में पिछले कई दिनों से हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच भारी संघर्ष चल रहा है। यह इलाका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलमार्ग के नजदीक स्थित है।
हालिया लड़ाई में दोनों पक्षों को भारी नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से ताइज और लाल सागर के आसपास के इलाकों में संघर्ष कई वर्षों में सबसे गंभीर दौर में पहुंच गया है।
चार साल पुरानी शांति व्यवस्था पर संकट
यमन में 2022 में लागू हुई युद्धविराम व्यवस्था ने बड़े पैमाने पर संघर्ष को रोकने में मदद की थी। हालांकि, इस साल जुलाई में यह व्यवस्था टूट गई और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लड़ाई दोबारा तेज होने लगी।
अब सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच सीधे हमलों का सिलसिला बढ़ने से पूरे क्षेत्र में व्यापक संघर्ष का खतरा पैदा हो गया है।
सऊदी अरब पर हूती हमलों में 73 लोग घायल
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को हूती विद्रोहियों के हमलों में 73 लोग घायल हुए। हमलों में सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में तेल प्रतिष्ठानों और अन्य आर्थिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा तथा कुछ स्थानों पर आग लग गई।
इन हमलों के बाद कुछ तेल सुविधाओं का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। सऊदी अरब ने इन हमलों को गंभीर escalation माना और जवाबी कार्रवाई का संकेत दिया।
तेल और वैश्विक कारोबार पर भी असर
यमन में बढ़ते संघर्ष का असर सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के आसपास तनाव बढ़ने से वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
ताजा घटनाक्रम के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। रॉयटर्स के मुताबिक हूती हमलों और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है और ब्रेंट क्रूड की कीमत छह सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंच गई।
UN ने जताई चिंता
यमन में बढ़ते संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने भी चिंता जताई है। UN के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने सऊदी अरब पर हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर चेतावनी दी है कि इससे संघर्ष और बढ़ सकता है और आम नागरिकों को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
यमन पहले से ही लंबे समय से मानवीय संकट से जूझ रहा है। ऐसे में संघर्ष का दोबारा तेज होना आम नागरिकों के लिए स्थिति को और मुश्किल बना सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच लगातार बढ़ते हमलों ने यमन में एक बार फिर बड़े पैमाने पर युद्ध की आशंका पैदा कर दी है। अगर मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर यमन से बाहर लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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