अमृतसर: इस हालात में मिला था गैंगस्टर जगरूप सिंह रूपा का शव।सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वाले जगरूप सिंह रूपा व मनप्रीत सिंह मन्नू खोसा को एक अज्ञात कार भकना गांव छोड़कर गई थी। जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। वहीं रात अंधेरा होने के कारण फॉरेंसिक टीम को जांच रोकनी पड़ी। अगले दो दिन तक यह जांच जारी रहेगी। वहीं वीरवार सुबह दोनों मारे गए गैंगस्टरों का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में शुरू हो गया है।हवेली के अंदर व आसपास बिखरे थे चली गोलियों के खोल।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फॉरेंसिक विभाग की टीम ने बुधवार शाम हवेली के अंदर से AK47 और उसके 31 चले हुए कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा दो पिस्टल भी बरादम हुई हैं। एक मोबाइल फोन भी पुलिस ने बरामद किया है। लेकिन मरने से पहले दोनों गैंगस्टर रूपा व मन्नू ने इसे तोड़ दिया। शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ है कि दोनों गैंगस्टर सरेंडर करने के मूड में नहीं, बल्कि पुलिस के साथ मुठभेड़ करना चाहते थे। जिस AK47 से रूपा फायरिंग कर रहा था, उसे आरोपियों ने बस्ट मोड पर लगा रखा था। यानी कि एक साथ ट्रिगर दबाते ही दर्जन भर गोलियां एक साथ निकलती थी।मोबाइल को भेजा फॉरेंसिक लैब मेंपुलिस ने मारे गए आतंकियों के मोबाइल को रिकवर कर लिया है। मरने से पहले दोनों गैंगस्टरों ने इसे तोड़ दिया। जिसके चलते अब पुलिस ने इस मोबाइल को फॉरेंसिक लैब में भेज दिया है, ताकि इसका डाटा रिकवर किया जा सके।बैग में कपड़े व गोला-बारूद लेकर निकले थे आरोपीपुलिस को हवेली के अंदर से गैंगस्टरों के बैग भी मिले। जिनमें आरोपियों ने कपड़े और असला भर रखा था। बैग में इतना अधिक असला था कि अगले 2-4 घंटे दोनों गैंगस्टर मुठभेड़ कर सकते थे। हवेली में पुलिस और गैंगस्टरों के बीच में इतनी अधिक गोलियां मिली हैं कि उन्हें अलग-अलग करने में दो दिन से अधिक समय लग सकता है। उसके बाद ही स्पष्ट होगा कि पुलिस व गैंगस्टरों ने एक-दूसरे पर कितनी-कितनी गोलियां दागी।पोस्टमार्टम हुआ शुरूदोनों गैंगस्टरों के शव रात के समय ही सिविल अस्पताल अमृतसर पहुंचा दिए गए थे। दोनों डॉक्टरों के शवों का पोस्टमार्टम पैनल कर रहा है। दोनों के शरीर में कई गोलियां भी मिली हैं। पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि दोनों के शरीर में कितनी गोलियां लगी।


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