DUSU Election 2026: अध्यक्ष को नहीं मिलती सैलरी, जानिए कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU Election 2026 को लेकर छात्रों के बीच चुनावी माहौल तेज हो गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव देश के सबसे चर्चित छात्रसंघ चुनावों में शामिल है। इस बार 18 सितंबर 2026 को मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 19 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
DUSU चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव जैसे प्रमुख पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं। चुनाव के दौरान छात्रों के बीच राजनीतिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं और अलग-अलग छात्र संगठन अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करते हैं।
DUSU अध्यक्ष को मिलती है सैलरी?
DUSU अध्यक्ष का पद काफी प्रतिष्ठित माना जाता है। ऐसे में छात्रों और आम लोगों के बीच अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या छात्रसंघ अध्यक्ष को इसके लिए कोई वेतन या मासिक सैलरी मिलती है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक DUSU अध्यक्ष को नियमित वेतन नहीं मिलता है। यानी यह पद किसी नौकरी की तरह सैलरी वाला पद नहीं है। छात्र नेता चुनाव जीतने के बाद छात्रसंघ का प्रतिनिधित्व करते हैं और विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र मुद्दों को उठाते हैं।
फिर क्यों खास है DUSU अध्यक्ष का पद?
सैलरी नहीं मिलने के बावजूद DUSU अध्यक्ष का पद छात्रों के बीच काफी प्रभावशाली माना जाता है। इसका एक बड़ा कारण दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति का व्यापक प्रभाव है।
DUSU अध्यक्ष को विश्वविद्यालय और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। छात्रसंघ के माध्यम से कैंपस में छात्रों की समस्याओं, सुविधाओं, शिक्षा, हॉस्टल और अन्य मुद्दों को प्रशासन के सामने रखा जाता है।
इसके अलावा DUSU चुनाव में जीतने वाले छात्र नेताओं को सार्वजनिक जीवन और राजनीति में आगे बढ़ने का अनुभव भी मिलता है। देश की मुख्यधारा की राजनीति में कई ऐसे नेता रहे हैं, जिनकी राजनीतिक यात्रा छात्र राजनीति से शुरू हुई।
अध्यक्ष को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
DUSU अध्यक्ष को वेतन नहीं मिलता, लेकिन पद से जुड़ी कुछ आधिकारिक सुविधाएं और जिम्मेदारियां जरूर होती हैं। छात्रसंघ के कामकाज के लिए कार्यालय और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।
छात्रसंघ अध्यक्ष विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं और विभिन्न बैठकों तथा कार्यक्रमों में छात्र समुदाय की आवाज रखते हैं। छात्रसंघ से जुड़े कार्यों के लिए उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में आधिकारिक संसाधनों का उपयोग करने का अवसर मिलता है।
हालांकि इन सुविधाओं को नियमित वेतन या व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
18 सितंबर को होगा मतदान
दिल्ली विश्वविद्यालय में DUSU Election 2026 के लिए 18 सितंबर को मतदान होना है। इसके अगले दिन यानी 19 सितंबर को चुनाव परिणाम सामने आएंगे।
चुनाव को लेकर छात्र संगठनों और उम्मीदवारों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अध्यक्ष पद को लेकर मुकाबला खास तौर पर चर्चा में रहता है, क्योंकि यह छात्रसंघ का सबसे प्रमुख पद माना जाता है।
DUSU चुनाव में उम्मीदवारों की सक्रियता, प्रचार अभियान और छात्र मुद्दे चुनावी माहौल का प्रमुख हिस्सा होते हैं। मतदान के बाद यह साफ होगा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र अगले कार्यकाल के लिए किस उम्मीदवार को अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।
छात्र राजनीति में DUSU की अहम भूमिका
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव सिर्फ विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहता। इसके परिणामों पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी नजर रहती है। इसका कारण यह है कि DUSU देश के प्रमुख छात्र राजनीतिक मंचों में से एक है।
अलग-अलग छात्र संगठन चुनाव में अपनी विचारधारा और छात्र मुद्दों के आधार पर उम्मीदवार उतारते हैं। जीतने वाले पदाधिकारी पूरे कार्यकाल के दौरान छात्रों से जुड़े मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने उठाते हैं।
इस लिहाज से DUSU अध्यक्ष का पद भले ही वेतन वाला पद नहीं है, लेकिन छात्र प्रतिनिधित्व और कैंपस राजनीति में इसकी अहम भूमिका बनी रहती है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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