रोहतक: पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए एडवोकेट चंचल नांदलहरियाणा के रोहतक में रविवार को जाट संस्थाओं के मुद्दों को लेकर पत्रकार वार्ता की गई। जिसमें जाट अखाड़ा हत्याकांड की वजह बनी अवैध वसूली की जांच करने की मांग उठाई गई। साथ ही जाट कॉलेज के प्रिंसिपल का मुद्दा, जाट कॉलेज के बाहर खोले गए बूथ व कर्मचारियों के पीएफ के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।पत्रकार वार्ता में जाट शिक्षण संस्था रोहतक के आजीवन सदस्य एडवोकेट चंचल नांदल ने कहा कि वर्ष 2018 के दौरान जाट कॉलेज में प्रिंसिपल के पद का दिल्ली के अखबारों में विज्ञापन निकाला गया था। जिसके बाद साजिश के तहत 8 लोगों ने भरे, जिनमें रोहतक के लोग नहीं थे। इस पर सरकार को भी कार्रवाई के लिए चेताया था, लेकिन प्रिंसिपल के पद पर डॉ. महेश ख्यालिया ने जॉइनिंग किया, लेकिन अब वह इस्तीफा देकर चले गए।अगर शुरूआत में ही गलत रणनीति के तहत यह कार्य नहीं किया जाता तो इतनी परेशानी भी नहीं होती। साथ ही जाट कॉलेज को जो नुकसान हुआ है, वह भी नहीं होता। जाट संस्था बचाओ समिति का एक साल पहले इसी दिन गठन किया गया था, जिसके बाद कई मुद्दों को उठाया और सफलता मिली।पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए एडवोकेट चंचल नांदल व अन्यअखाड़ा में अवैध वसूली की हो जांचएडवोकेट चंचल नांदल ने कहा कि अखाड़ा हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी व चालान हो चुका है, लेकिन एक काम इस पूरे मामले में छुपा रह गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखाड़े में अवैध वसूली हुई थी, उसकी आज तक जांच नहीं हुई है। जिसके लिए खाप पंचायत भी सीएम को लिख चुकी है, लेकिन अवैध वसूली की जांच तक नहीं हो पाई है। यह स्पष्ट होना चाहिए था कि किसने अवैध वसूली की और पैसा कहां गया। यहां तक कि हत्याकांड के पीछे भी अवैध वसूली ही कारण रहा।अखाड़े में करोड़ों की अवैध वसूलीमहम चौबीसी के प्रधान तुलसी ग्रेवाल ने कहा कि पहले अनुमान यह था कि 2 हजार रुपए प्रति छात्र लिए जाते थे, जबकि हत्याकांड में मरने वाले छात्र जाट संस्था के ही नहीं थे, बल्कि बाहर के रहने वाले थे। बाद में पता चला कि प्रति छात्र 6 हजार रुपए वसूले जा रहे थे। जिससे करीब डेढ़ करोड़ रुपए प्रतिमाह आता था, जो संस्था में जाना चाहिए था, लेकिन संस्था को यह पैसा मिला नहीं। आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार जाट संस्था अखाड़े पर प्रतिमाह 2 करोड़ रुपए खर्च करती है।यह था जाट अखाड़ा हत्याकांडकरीब डेढ़ साल पहले जाट अखाड़ा में सात लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थी। जिसमें छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। रंजिशन इस वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिन्होंने पुलिस पूछताछ में हत्याकांड का खुलासा किया।बिना टेंडर के खोला बूथजाट कॉलेज के बाहर वीटा बूथ खुला है। जहां कैंटीन का सामान मिलता है। पहली बार ऐसा हुआ है कि जाट कॉलेज के बाहर ग्रिल काटकर बूथ खोला गया है। इसकी शिकायत दी गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बूथ खोलने के लिए कोई टेंडर नहीं हुआ, जबकि गवर्नमेंट अंडर टेकिंग कॉलेज में कोई भी कार्य करने से पहले ऑनलाइन होना जरूरी है। जो अब चार हजार रुपए में बूथ दिया गया है, अगर ऑनलाइन टेंडर होता इससे ज्यादा रुपए संस्था को मिलते।


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