अगर ब्रांड कार्रवाई-योग्य दावों को छोड़ देते हैं तो पहले से पैक सामानों पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा। इसका फायदा उठाते हुए कई मशहूर ब्रांड इन वस्तुओं को अपने ब्रांड नाम वाले पैकेटों में बेचने लगे।पैकेटबंद सामान एवं खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाने के फैसले का बचाव करते हुए राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा कि इन उत्पादों पर हो रही कर चोरी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। कुछ राज्यों ने भी इसकी मांग की थी। पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर 18 जुलाई, 2022 से जीएसटी लगाने का फैसला केंद्र सरकार का नहीं बल्कि जीएसटी परिषद का है। जीएसटी दरों पर सुझाव देने वाली फिटमेंट समिति ने इस बारे में निर्णय किया था। समिति में केंद्र के अलावा राज्यों के भी अधिकारी होते हैं।अगर ब्रांड कार्रवाई-योग्य दावों को छोड़ देते हैं तो पहले से पैक सामानों पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा। इसका फायदा उठाते हुए कई मशहूर ब्रांड इन वस्तुओं को अपने ब्रांड नाम वाले पैकेटों में बेचने लगे। लेकिन, इस पर कोई कार्रवाई-योग्य दावा नहीं होने की वजह से उन पर 5 फीसदी जीएसटी नहीं लग रहा था। इस तरह कर चोरी होने की शिकायतें कुछ राज्यों ने की थी।


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