सनातन की पताका ऊंची रहेगी तो भारत का कोई बाल बांका नहीं कर पाएगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
रायबरेली के ऊंचाहार में श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन पहुंचे मुख्यमंत्री, शिव भक्ति को बताया सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का आधार
रायबरेली/ऊंचाहार, 13 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को रायबरेली के ऊंचाहार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कथा श्रवण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सनातन परंपरा, शिव भक्ति और भारत की सांस्कृतिक एकता पर विस्तार से बात रखी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब तक भारत की धरती पर पावन कथाओं की परंपरा चलती रहेगी, तब तक सनातन की ध्वजा-पताका कभी झुकने नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि सनातन की पताका ऊंची रहेगी तो भारत का कोई बाल बांका नहीं कर पाएगा। उन्होंने शिव भक्ति को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
शंखनाद और डमरू की मंगल ध्वनि के बीच हुआ स्वागत
मुख्यमंत्री के कथा स्थल पहुंचने पर वेदपाठी बटुकों ने शंखनाद और डमरू की मंगल ध्वनि के बीच उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और ऊंचाहार विधायक मनोज पांडेय ने मुख्यमंत्री को शॉल, श्रीफल और गंगाजल से भरा कलश भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ को नमन किया और कथा व्यास पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वागत एवं अभिनंदन किया। श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय की ओर से किया गया है।
शिव भक्ति भारत को जोड़ने वाली शक्ति
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में लोगों की वेशभूषा, खान-पान और रहन-सहन भले ही अलग हों, लेकिन भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव देशभर में दिखाई देता है।
उन्होंने हिमालय से लेकर रामेश्वरम तक भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भारत की सांस्कृतिक एकता और अखंडता का दर्शन कराते हैं। उनके मुताबिक तमिलनाडु से लेकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और पूर्वोत्तर तक शिव भक्ति लोगों को एक सूत्र में जोड़ती है।
भगवान शिव लोकमंगल के देवता
मुख्यमंत्री ने भगवान शिव को लोकमंगल और लोक कल्याण का देवता बताते हुए कहा कि शिव ने समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए विष को भी धारण किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव नकारात्मक शक्तियों को दूर करने और समाज के विकारों को पीछे छोड़कर लोकमंगल के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पावन धार्मिक कथाओं से समाज को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और ऐसे आयोजनों से लोगों को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने पावन कथाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उनके अनुसार सनातन परंपरा व्यक्ति के कर्तव्य, समाज की जीवन शक्ति और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का आधार रही है।
उन्होंने इतिहास के कठिन दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक कमजोरियों और विदेशी आक्रमणों के दौर में भी व्यासपीठों से निकली आध्यात्मिक धारा ने भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना और एकता को बनाए रखने में भूमिका निभाई।
तुलसीदास और रामकथा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने गोस्वामी तुलसीदास के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने रामकथा के माध्यम से समाज को जोड़ने और उसकी चेतना को जागृत करने का कार्य किया।
उन्होंने तुलसीदास और मुगल काल का संदर्भ देते हुए कहा कि उस दौर में रामकथा और रामलीलाओं के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यासपीठों ने अलग-अलग कालखंडों में समाज को प्रेरणा देने और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का काम किया है।
अयोध्या, काशी और मथुरा-वृंदावन का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब जीवन में मर्यादा की बात होती है तो अयोध्या, चेतना की चर्चा होती है तो काशी, भक्ति की बात आती है तो मथुरा-वृंदावन और समरसता की चर्चा होती है तो प्रयागराज की ओर देश देखता है।
उन्होंने नैमिषारण्य और शुकतीर्थ जैसी धार्मिक एवं ऐतिहासिक भूमि का भी उल्लेख किया और कहा कि इन क्षेत्रों ने ज्ञान तथा आध्यात्मिक परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मनोज पांडेय और उनके परिवार को दी बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री शिव महापुराण कथा के आयोजन के लिए कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय और उनके परिवार को धन्यवाद दिया।
उन्होंने ऊंचाहार क्षेत्र की जनता की भी सराहना की और कहा कि क्षेत्र की विरासत को सुरक्षित रखने के साथ विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में काम होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊंचाहार में विरासत और विकास दोनों की यात्रा साथ-साथ आगे बढ़ रही है।
धार्मिक आयोजन में उमड़े श्रद्धालु
श्री शिव महापुराण कथा के लिए ऊंचाहार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया और कथा का श्रवण किया।
मुख्यमंत्री ने कथा व्यास पंडित प्रदीप मिश्रा और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए धार्मिक कथाओं से मिलने वाले संदेशों को जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने अपने संबोधन का समापन ‘नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ किया।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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