CM Rekha Gupta PUC: दिल्ली के PUC सेंटरों पर लगेंगे CCTV कैमरे, प्रदूषण जांच में बढ़ेगी निगरानी
नई दिल्ली। दिल्ली में वाहन प्रदूषण जांच व्यवस्था को और सख्त एवं पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने दिल्ली-NCR के सभी Pollution Under Control (PUC) सेंटरों पर कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य प्रदूषण जांच प्रक्रिया की निगरानी बढ़ाना, अनियमितताओं पर रोक लगाना और प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार ने वाहन प्रदूषण और फिटनेस जांच व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कई कमियों को चिन्हित किया। समीक्षा में सामने आया कि निजी वाहनों के लिए कई PUC प्रमाणपत्र पेट्रोल पंपों के बाहर स्थित बूथों से जारी किए जा रहे थे, जबकि कुछ व्यावसायिक वाहनों को पुराने तकनीक वाले केंद्रों से फिटनेस प्रमाणपत्र दिए जा रहे थे। सरकार अब तकनीक के इस्तेमाल के जरिए इस पूरी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी में है।
PUC सेंटरों पर कैमरों से होगी निगरानी
सरकार के नए फैसले के तहत दिल्ली-NCR के PUC सेंटरों को सर्विलांस कैमरों से लैस किया जाएगा। कैमरा निगरानी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वाहनों की प्रदूषण जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हो और प्रमाणपत्र जारी करने में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
सरकार का मानना है कि कैमरों की निगरानी से जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी और PUC प्रमाणपत्र जारी करने में होने वाली संभावित अनियमितताओं पर नजर रखना आसान होगा।
कमर्शियल वाहनों के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
CM Rekha Gupta ने व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक बनाने के लिए दो नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू किए जाने की भी जानकारी दी है। ये स्टेशन तेहखंड और नंद नगरी में बनाए गए हैं।
इन केंद्रों पर वाहन फिटनेस जांच को अधिक तकनीकी और डिजिटल तरीके से करने की व्यवस्था की गई है। सरकार के मुताबिक दोनों नए केंद्रों की संयुक्त क्षमता करीब 72,000 वाहनों की सालाना जांच की है।
नंद नगरी स्थित केंद्र में अलग-अलग प्रकार के वाहनों की जांच के लिए स्वचालित टेस्टिंग लेन उपलब्ध हैं। यहां भारी और हल्के मोटर वाहनों के साथ दोपहिया वाहनों की भी जांच की जा सकेगी। जांच प्रक्रिया में उत्सर्जन, ब्रेक, सस्पेंशन, अंडरबॉडी और हेडलाइट अलाइनमेंट जैसे मानकों को शामिल किया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए 360 डिग्री रणनीति
दिल्ली सरकार ने इन कदमों को प्रदूषण नियंत्रण की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया है। सरकार का जोर केवल PUC प्रमाणपत्र की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन फिटनेस, प्रदूषण जांच और पूरी निरीक्षण व्यवस्था में तकनीक और निगरानी बढ़ाने पर है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए वाहन जांच व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो और तकनीकी निगरानी के जरिए कमियों को दूर किया जा सके।
फर्जी और अनियमित PUC पर लग सकती है रोक
PUC प्रमाणपत्र यह प्रमाणित करता है कि जांच के समय वाहन का उत्सर्जन निर्धारित सरकारी मानकों के भीतर है। ऐसे में जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाना प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
PUC सेंटरों पर कैमरे लगाने से सरकार को यह निगरानी करने में मदद मिलेगी कि वाहन की वास्तविक जांच की जा रही है या नहीं। साथ ही, प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता होने पर उसकी पहचान करना भी आसान हो सकता है।
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केवल एक उपाय पर्याप्त नहीं है। इसके लिए वाहन प्रदूषण, फिटनेस जांच, तकनीकी निगरानी और नियमों के पालन को एक साथ मजबूत करना होगा।
CM Rekha Gupta PUC से जुड़े इस फैसले के साथ सरकार ने वाहन जांच व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया है। दिल्ली-NCR के PUC सेंटरों पर कैमरा निगरानी और नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों के जरिए सरकार वाहन प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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