CM Devendra Fadnavis: MHT-CET परीक्षा केंद्रों का होगा फोरेंसिक ऑडिट
मुंबई। महाराष्ट्र में MHT-CET परीक्षा को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री CM Devendra Fadnavis ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने जिन परीक्षा केंद्रों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, उनका फोरेंसिक ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पूरे मामले की गहन जांच और परीक्षा परिणाम की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री से महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्रों और शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने MHT-CET परीक्षा से जुड़ी विभिन्न शिकायतें और अपनी चिंताएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। फडणवीस ने प्रतिनिधिमंडल की बात विस्तार से सुनी और इसके बाद संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।
शिकायत वाले परीक्षा केंद्रों की होगी जांच
सरकार की ओर से शिकायतों के दायरे में आए परीक्षा केंद्रों की जांच फोरेंसिक ऑडिट के माध्यम से कराने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी केंद्र पर नियमों का उल्लंघन या किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और परीक्षा प्रक्रिया पर विद्यार्थियों का भरोसा कायम रहे।
परीक्षा परिणाम का भी होगा ऑडिट
MHT-CET से जुड़ी शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री ने केवल परीक्षा केंद्रों तक जांच सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक परीक्षा परिणाम का भी ऑडिट कराने को कहा गया है, ताकि रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
सरकार का मानना है कि परीक्षा और परिणाम की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच से सामने आई शिकायतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
छात्रों और शिक्षकों की शिकायतों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में छात्रों और शिक्षकों ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए। सरकार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।
फडणवीस ने यह संकेत दिया है कि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाएगी। खासतौर पर ऐसे मामलों में जहां किसी परीक्षा केंद्र के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है, वहां जांच के जरिए तथ्यों को सामने लाने पर जोर दिया जा रहा है।
MPSC विवाद के बीच CET पर भी सरकार की नजर
महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हाल के दिनों में छात्रों की चिंताएं बढ़ी हैं। MPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने छात्रों से मुलाकात की थी और जांच तथा सुधारों का भरोसा दिया था। सरकार ने MPSC से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई की बात कही है।
ऐसे माहौल में MHT-CET परीक्षा केंद्रों के फोरेंसिक ऑडिट का फैसला परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
छात्रों के हित में निष्पक्ष जांच पर जोर
MHT-CET में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल होते हैं और परीक्षा का परिणाम उनके उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ जाती है।
सरकार की ओर से अब शिकायत वाले केंद्रों की जांच और परिणाम प्रक्रिया के ऑडिट के जरिए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। जांच में यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों या संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना भी बनी रहेगी।
CM Devendra Fadnavis के निर्देश के बाद अब सभी की नजर फोरेंसिक ऑडिट और आगे होने वाली जांच पर है। जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई थी और परीक्षा प्रक्रिया में कहीं वास्तविक अनियमितता हुई थी या नहीं।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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