बुलंदशहर में अलग रह रहे बुजुर्ग दंपति का विवाद, पुलिस काउंसलिंग के बाद पत्नी को मिलेंगे ₹5000 हर महीने
बुलंदशहर। समय के साथ परिवारों में रिश्तों का स्वरूप भी बदल रहा है। कभी एक ही छत के नीचे पूरा परिवार साथ रहता था, लेकिन अब कई परिवारों में रिश्तों और रहने की व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद क्षेत्र के एक गांव से सामने आया, जहां एक बुजुर्ग दंपति लंबे समय से अलग-अलग रह रहा था। पुलिस की महिला सेल की काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच आर्थिक मदद को लेकर सहमति बनी है।
जानकारी के मुताबिक, सिकंदराबाद के एक गांव में रहने वाले इस दंपति के चार बेटे हैं। परिवार में विवाद इस बात को लेकर था कि बुजुर्ग पति जिन बेटों के साथ रहना चाहते थे, उनकी पत्नी उनके साथ रहने के लिए तैयार नहीं थीं। इसके चलते पति-पत्नी अलग-अलग रहने लगे। समय बीतने के साथ दोनों के बीच दूरियां और बढ़ती गईं।
बताया गया कि 70 वर्षीय सत्यवती की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ गईं। वह जिन बेटों के साथ रह रही थीं, उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर भी परिवार में चिंता बनी हुई थी। मामले की जानकारी पुलिस की महिला सेल तक पहुंची, जिसके बाद दोनों बुजुर्गों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया।
महिला सेल ने की दोनों की काउंसलिंग
महिला सेल की प्रभारी अलका चौधरी ने बताया कि दोनों बुजुर्गों को समझाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों की समस्याओं और परिस्थितियों को समझा गया।
काउंसलिंग के बाद बुजुर्ग पति अपनी पत्नी को हर महीने ₹5000 देने के लिए तैयार हुए। इस आर्थिक सहायता से पत्नी के रोजमर्रा के खर्च और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में मदद मिलने की उम्मीद है।
महिला सेल प्रभारी ने बताया कि दोनों को परिवार के साथ मिलकर रहने और आपसी मतभेद दूर करने के लिए भी समझाया गया। पुलिस की कोशिश है कि बातचीत और आपसी सहमति के जरिए पारिवारिक विवादों का समाधान किया जा सके।
परिवार को साथ रखने की कोशिश
पुलिस की महिला सेल ने दोनों बुजुर्गों को समझाते हुए परिवार के सदस्यों के बीच संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। काउंसलिंग के दौरान यह प्रयास किया गया कि पति-पत्नी एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझें और परिवार में आपसी सहयोग बना रहे।
इस मामले में पुलिस की काउंसलिंग के बाद फिलहाल बुजुर्ग पत्नी को हर महीने ₹5000 देने पर सहमति बनी है। महिला सेल का कहना है कि पारिवारिक विवादों में बातचीत और समझाइश के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है।

