CM हिमाचल प्रदेश सुखविंदर सिंह सुक्खू: 2,000 शिक्षकों की भर्ती से लेकर किशाऊ परियोजना तक बड़े अपडेट
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से जुड़ी 20 सितंबर 2026 की प्रमुख खबरों में सरकारी CBSE स्कूलों में 2,000 अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति, डॉक्टरों की भर्ती और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने सोलन के अर्की में राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित कई घोषणाएं कीं।
तीन महीने में 2,000 शिक्षकों की भर्ती
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकारी CBSE स्कूलों में अगले तीन महीने के भीतर 2,000 और शिक्षकों की नियुक्ति करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का चयन योग्यता के आधार पर किया जा रहा है और नियुक्तियों में किसी सिफारिश को आधार नहीं बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में प्रत्येक CBSE स्कूल में पहले ही पांच से आठ शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। शेष पदों को भी जल्द भरने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार का कहना है कि सरकारी स्कूलों में CBSE स्तर की शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सुक्खू ने अर्की क्षेत्र के दिग्गल, भूमती और जय नगर के स्कूलों को भी CBSE से संबद्ध करने की घोषणा की।
228 और डॉक्टरों की होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द 228 और चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी।
उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में पुराने चिकित्सा उपकरणों को बदलकर आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराने की बात कही। उनके अनुसार, कई मेडिकल कॉलेजों में 15 से 19 वर्ष पुराने उपकरणों के स्थान पर आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। अर्की क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने की भी बात कही गई।
किशाऊ परियोजना पर सरकार का पक्ष
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना भी हिमाचल की राजनीति और विकास योजनाओं में प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने परियोजना से जुड़ी शर्तों पर बातचीत करते हुए हिमाचल के हितों को सुरक्षित करने का प्रयास किया है।
हालिया समझौते में हिमाचल की भागीदारी से जुड़ी वित्तीय देनदारी को लेकर राज्य सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। परियोजना में छह राज्यों की भागीदारी है और समझौते को लेकर हिमाचल सरकार तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस भी सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने अर्की में आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान किशाऊ परियोजना की कुछ शर्तें स्वीकार की गई थीं, जिनसे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता था। यह मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया राजनीतिक दावा है।
भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का दावा
सुक्खू ने अपने संबोधन में दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण से करीब 3,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का इस्तेमाल विधवाओं, बच्चों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर जरूरतमंद लोगों के कल्याण में इस्तेमाल करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
जमीन आवंटन की जांच का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में जमीन आवंटन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान करीब 5,000 बीघा जमीन कुछ उद्योगपतियों को बिना पंजीकरण शुल्क के आवंटित की गई थी और वहां अभी तक उद्योग स्थापित नहीं हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे मामलों की समीक्षा कर रही है और नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। यह आरोप मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित पक्षों का जवाब अलग से सामने आ सकता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस
20 सितंबर 2026 को CM हिमाचल प्रदेश सुखविंदर सिंह सुक्खू से जुड़ी खबरों में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की घोषणाएं प्रमुख रहीं। सरकारी CBSE स्कूलों में 2,000 शिक्षकों की प्रस्तावित नियुक्ति और 228 चिकित्सकों की भर्ती की घोषणा राज्य सरकार के शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रमुख अपडेट हैं।
वहीं किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना की शर्तों और राज्य पर संभावित वित्तीय प्रभाव को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक चर्चा जारी है।
रिपोर्टर; तेजिंदर सिंह, मुख्य संवाददता उत्तराखण्ड
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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