SP Congress Alliance UP 2027: सीट शेयरिंग पर फंसा पेंच, सपा-कांग्रेस के बीच जारी है बातचीत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज हैं, लेकिन दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है। इसी बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 21 सितंबर को सपा प्रमुख अखिलेश यादव से गठबंधन को जल्द अंतिम रूप देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन होना है तो इसे जल्द तय किया जाना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस को अपनी अलग तैयारियां आगे बढ़ानी होंगी।
सीट शेयरिंग बना सबसे बड़ा मुद्दा
2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल सीटों के बंटवारे का है। दोनों दल 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में साथ चुनाव लड़ चुके हैं और अब विधानसभा चुनाव के लिए भी साथ आने की बात कह चुके हैं।
हालांकि, विधानसभा की 403 सीटों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस की ओर से सम्मानजनक और बराबरी के आधार पर सीट बंटवारे की मांग पहले भी सामने आती रही है। जुलाई में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी कहा था कि पार्टी गठबंधन में बराबरी और सम्मान की अपेक्षा रखती है।
कांग्रेस की जल्द फैसला करने की मांग
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोमवार को कहा कि अगर सपा और कांग्रेस को साथ चुनाव लड़ना है तो गठबंधन को अंतिम रूप देने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सहमति नहीं बनती है तो कांग्रेस को अपने स्तर पर चुनावी तैयारियां करनी होंगी।
मसूद का यह बयान ऐसे समय आया है जब सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत की दिशा और समयसीमा पर चर्चा चल रही है। इससे पहले भी कांग्रेस नेताओं की ओर से जल्द सीटों पर सहमति बनाने की मांग की जाती रही है।
सपा ने 403 सीटों पर तैयारी शुरू की
दूसरी तरफ, टाइम्स ऑफ इंडिया की 20 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस की ओर से औपचारिक सीट शेयरिंग बातचीत शुरू नहीं होने के बीच समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी शुरू कर दी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है, बल्कि पार्टी सभी सीटों पर अपनी तैयारी बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
सपा की तैयारियों में जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करना और संभावित उम्मीदवारों को लेकर काम करना शामिल है। पार्टी की ओर से अंतिम सीट बंटवारे के बाद तस्वीर बदल सकती है।
रायबरेली और अमेठी पर भी नजर
सीट शेयरिंग को लेकर रायबरेली और अमेठी की विधानसभा सीटों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सितंबर की शुरुआत में आई रिपोर्टों के मुताबिक दोनों दलों के बीच इन क्षेत्रों को लेकर चर्चा और संभावित मतभेद की स्थिति बनी हुई है।
2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 37 लोकसभा सीटें और कांग्रेस ने छह सीटें जीती थीं।
विधानसभा चुनाव के लिए दोनों दल अब लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन, अपने संगठन और अलग-अलग क्षेत्रों में राजनीतिक प्रभाव को ध्यान में रखकर सीटों पर बातचीत कर रहे हैं।
कांग्रेस की सीटों को लेकर अलग मांग
सितंबर की शुरुआत में सामने आई रिपोर्टों में कांग्रेस की ओर से 107 से 120 सीटों के बीच समझौते की मांग का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस 2017 के विधानसभा चुनाव में हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन के फॉर्मूले को भी आधार मान रही है।
वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से सीटों की संख्या को लेकर अभी कोई अंतिम सार्वजनिक फॉर्मूला घोषित नहीं किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक सपा पहले अपने संगठन और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
ओवैसी की भी गठबंधन की पेशकश
उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का रुख भी चर्चा में है। ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की इच्छा जताई है और बातचीत का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव को लेकर उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच संभावित समीकरणों पर राजनीतिक चर्चा तेज हुई है।
दूसरी ओर, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती पहले ही सपा या कांग्रेस के साथ गठबंधन की अटकलों को खारिज कर चुकी हैं। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
आगे शीर्ष नेतृत्व की बातचीत पर नजर
सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व की बातचीत के बाद होने की संभावना बताई जा रही है। दोनों पार्टियां अपने-अपने संगठन और संभावित उम्मीदवारों की तैयारियां कर रही हैं, जबकि सीटों के बंटवारे पर औपचारिक सहमति का इंतजार है।

