Swiggy Rider की कमाई: बिना खुद की बाइक सुबह-शाम काम कर ऑफिस जॉब से ज्यादा कमाता है विक्की
नई दिल्ली। ऑफिस से घर लौटने के बाद अक्सर खाना बनाने का मन नहीं करता। ऐसे में लोग फूड डिलीवरी ऐप खोलकर अपनी पसंद का खाना ऑर्डर कर लेते हैं। कुछ ही देर में एक डिलीवरी राइडर बाइक से खाना लेकर दरवाजे तक पहुंच जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन डिलीवरी राइडर्स की कमाई कितनी होती है और अगर किसी के पास अपनी बाइक न हो तो वह यह काम कैसे करता है?
एक ऐसे ही राइडर विक्की की कहानी सामने आई है, जिसने बताया कि वह खुद की बाइक न होने के बावजूद Swiggy और Rapido के जरिए काम करता है। उसका कहना है कि वह अपने तय किए हुए समय में काम करके इतनी कमाई कर लेता है, जो उसके लिए ऑफिस की नौकरी से ज्यादा है।
Rapido बुक करने पर हुई विक्की से मुलाकात
यह कहानी एक Rapido राइड बुक करने के बाद शुरू हुई। राइड के लिए विक्की नाम का एक राइडर आया। बाइक पर बैठने के बाद बातचीत के दौरान पता चला कि विक्की Rapido के साथ-साथ Swiggy के लिए भी डिलीवरी राइडर का काम करता है।
बातचीत में जब विक्की से उसके काम और कमाई के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि उसके पास खुद की बाइक नहीं है। इसके बावजूद वह किराए की इलेक्ट्रिक बाइक लेकर डिलीवरी और राइडिंग का काम करता है।
खुद की बाइक नहीं थी, फिर कैसे शुरू किया काम?
विक्की ने बताया कि उसके पास बाइक नहीं थी और इसी वजह से शुरुआत में उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह Rapido या Swiggy जैसे प्लेटफॉर्म के साथ काम कैसे करे। इसी दौरान उसके एक दोस्त ने उसे ऐसी एजेंसी के बारे में बताया, जहां से इलेक्ट्रिक बाइक किराए पर ली जा सकती है।
इसके बाद विक्की ने किराए पर इलेक्ट्रिक बाइक लेकर काम शुरू किया। इस तरह उसे खुद बाइक खरीदने के लिए बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ी।
Rapido की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक कुछ शहरों में ऐसे लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन किराए पर लेने की सुविधा उपलब्ध है जिनके पास अपनी बाइक नहीं है। हालांकि, यह सुविधा शहर के हिसाब से अलग हो सकती है।
सुबह और रात में ही करता है काम
विक्की ने बताया कि वह पूरे दिन सड़क पर नहीं रहता। वह अपनी सुविधा के मुताबिक काम करने का समय तय करता है। उसके मुताबिक वह सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और रात में 8 बजे से 11 बजे तक काम करता है।
इस तरह वह दिन के कुछ घंटे ही काम करता है और बाकी समय अपने दूसरे कामों के लिए रखता है। उसके लिए इस काम की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उसे किसी निश्चित ऑफिस शिफ्ट में बंधकर काम नहीं करना पड़ता।
‘अपने मन का मालिक हूं’
विक्की के मुताबिक राइडर का काम करना उसे एक तरह से अपना बिजनेस करने जैसा लगता है। उसका कहना है कि वह अपनी सुविधा के अनुसार काम शुरू और बंद कर सकता है। इसके लिए उसे किसी ऑफिस बॉस से छुट्टी या अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
उसने बताया कि अगर किसी दिन काम करने का मन नहीं है तो वह काम नहीं करता और जब ज्यादा कमाई की जरूरत होती है तो अपनी सुविधा के अनुसार ज्यादा समय दे सकता है।
Rapido भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स की बात करता है और कहता है कि कैप्टन के लिए कोई अनिवार्य शिफ्ट या तय समय नहीं है।
बिना बाइक शुरू किया कमाई का रास्ता
विक्की की कहानी बताती है कि गिग इकॉनमी में काम करने के लिए हर व्यक्ति के पास शुरुआत से अपना वाहन होना जरूरी नहीं है। किराए पर इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध होने के कारण कुछ लोग कम शुरुआती निवेश के साथ डिलीवरी या राइडिंग का काम शुरू कर पा रहे हैं।
देश के कई शहरों में डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को किराए पर देने वाली सेवाएं भी काम कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर दिल्ली-NCR में कुछ EV फ्लीट कंपनियां Swiggy, Zomato, Blinkit और अन्य प्लेटफॉर्म के लिए डिलीवरी करने वाले पार्टनर्स को इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध करा रही हैं।
गिग वर्क में बढ़ रही दिलचस्पी
Rapido और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़ा पार्ट-टाइम काम लोगों के बीच अतिरिक्त कमाई के विकल्प के तौर पर चर्चा में रहता है। जनवरी 2026 में बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने चार दिन पार्ट-टाइम Rapido चलाने का अपना कमाई का अनुभव साझा किया था। उसने 17 घंटे में कुल ₹2,220 की कमाई और करीब ₹400 पेट्रोल खर्च होने की जानकारी दी थी। हालांकि, यह एक व्यक्तिगत अनुभव था और इसे सभी राइडर्स की सामान्य कमाई नहीं माना जा सकता।
इसी तरह अलग-अलग शहरों में राइडर्स की कमाई काम के घंटे, मांग, इंसेंटिव, वाहन के किराए, ईंधन या चार्जिंग लागत और प्लेटफॉर्म की शर्तों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
नौकरी के बजाय लचीले काम को दे रहा है तरजीह
विक्की के लिए राइडर का काम केवल कमाई का जरिया नहीं बल्कि काम करने की आजादी से भी जुड़ा है। वह अपनी जरूरत और समय के हिसाब से सुबह और रात की शिफ्ट चुनता है।
उसकी कहानी में खास बात यह है कि बिना खुद की बाइक के भी उसने किराए की इलेक्ट्रिक बाइक के जरिए इस काम को शुरू किया। उसके मुताबिक, सीमित घंटों में काम करके वह अपनी कमाई को ऑफिस की नौकरी के मुकाबले बेहतर मानता है।
हालांकि, डिलीवरी राइडर की वास्तविक कमाई हर व्यक्ति और शहर में अलग हो सकती है। इसलिए विक्की की कमाई और काम का अनुभव व्यक्तिगत उदाहरण के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि सभी Swiggy या Rapido राइडर्स की निश्चित आय के रूप में।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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