प्रेमानंद महाराज आश्रम में बड़ा बदलाव, शिष्य की मौत के बाद दीक्षा और दर्शन पर रोक
वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद मथुरा-वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज आश्रम की व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं। केली कुंज आश्रम में फाइनल दीक्षा और दीक्षा से जुड़ी उपस्थिति को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके अलावा टोकन के जरिए होने वाले दर्शन और यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन की व्यवस्था भी फिलहाल बंद कर दी गई है।
आश्रम से जुड़े सेवादारों ने माइक के जरिए श्रद्धालुओं को नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी और भीड़ नहीं लगाने की अपील की। अचानक हुए इन बदलावों का असर उन भक्तों पर पड़ा है, जो दीक्षा, दर्शन और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए वृंदावन पहुंच रहे थे।
फाइनल दीक्षा अनिश्चितकाल के लिए बंद
आश्रम की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक केली कुंज में फाइनल दीक्षा का कार्यक्रम फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके साथ ही दीक्षा उपस्थिति की व्यवस्था भी बंद कर दी गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, 29 सितंबर तक दीक्षा उपस्थिति को लेकर पहले से तय व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं के आने की जानकारी थी, लेकिन 30 सितंबर को इसमें बदलाव की सूचना दी गई। इसके बाद आश्रम पहुंचने वाले भक्तों को नई व्यवस्था के बारे में बताया गया।
टोकन से दर्शन भी बंद
केली कुंज में टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी फिलहाल रोक दिए गए हैं। इसके अलावा यमुना विहार कुंज, बेलवन में दीक्षित भक्तों के लिए होने वाली दर्शन व्यवस्था भी बंद कर दी गई है।
आश्रम के सेवादारों ने श्रद्धालुओं को बताया कि नई व्यवस्था कब तक लागू रहेगी, इसकी कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है। इसलिए फिलहाल भक्तों को आश्रम की ओर से अगली सूचना का इंतजार करना होगा।
शिष्यों के पहनावे को लेकर भी बदलाव
दीक्षा और दर्शन व्यवस्था में बदलाव के साथ ही आश्रम से जुड़े शिष्यों के पहनावे को लेकर भी नए निर्देश सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, गृहस्थ जीवन में रहने वाले और व्यवसाय से जुड़े दीक्षित शिष्यों को सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनकर साधना करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें आश्रम से जुड़े विशेष सफेद वस्त्र नहीं पहनने को कहा गया है।
आश्रम प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि शिष्यों के पहनावे और मर्यादा से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। इन बदलावों की जानकारी आश्रम से जुड़े सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए भी दी गई है।
शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद बदली व्यवस्था
इन बदलावों का समय संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद आया है। दीपक मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और करीब दो साल से वृंदावन में रह रहे थे। उन्हें प्रेमानंद महाराज का दीक्षित शिष्य बताया गया था।
25 सितंबर को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज की चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद दीपक गंभीर रूप से घायल हुए थे। अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला।
मौत की जांच अभी जारी
दीपक लोधी की मौत को लेकर पुलिस जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में उनके चौथी मंजिल से नीचे गिरने की घटना दिखाई देती है। पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मामले को लेकर अलग-अलग दावे और सवाल सामने आए हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। पुलिस ने घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य सामग्री की जांच शुरू की है।
भक्तों पर क्या पड़ेगा असर?
प्रेमानंद महाराज आश्रम की नई व्यवस्था का सीधा असर उन श्रद्धालुओं पर पड़ेगा, जो दीक्षा लेने या नियमित दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचते हैं। फिलहाल फाइनल दीक्षा, दीक्षा उपस्थिति और कुछ दर्शन व्यवस्थाएं अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई हैं।
आश्रम की ओर से अगली सूचना जारी होने तक श्रद्धालुओं को नई व्यवस्था का पालन करना होगा। इस बीच शिष्य की मौत से जुड़े मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ रही है और आश्रम की व्यवस्थाओं में किए गए बदलाव भी चर्चा में हैं।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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