राम मंदिर कर्मचारियों का 100% पुलिस वेरिफिकेशन, परिवार और रिश्तेदारों की भी देनी होगी जानकारी
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में काम करने वाले सभी कर्मचारियों का 100 प्रतिशत पुलिस वेरिफिकेशन कराने का फैसला लिया है। इसके साथ ही कर्मचारियों के चरित्र प्रमाण पत्र और उनके परिवार के सदस्यों व करीबी रिश्तेदारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी मांगी गई है।
कर्मचारियों की पूरी पृष्ठभूमि की होगी जांच
ट्रस्ट के नए फैसले के तहत मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों की पुलिस जांच कराई जाएगी। इसके अलावा पुलिस की ओर से जारी चरित्र प्रमाण पत्र भी अनिवार्य होगा। कर्मचारियों से उनके परिवार और नजदीकी रिश्तेदारों का विवरण भी मांगा गया है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य मंदिर परिसर में काम करने वाले लोगों की पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी जुटाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। यह कदम मंदिर प्रशासन में चल रहे व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक बदलावों का हिस्सा बताया जा रहा है।
नए CEO जितेंद्र मिश्रा की निगरानी में बदलाव
मंदिर प्रशासन में यह नई व्यवस्था नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में लागू की जा रही है। उन्होंने पिछले महीने मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली थी।
इसके साथ ही मंदिर प्रशासन में कई स्तर पर पुनर्गठन भी किया गया है। कर्मचारियों की स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
चढ़ावा चोरी की घटना के बाद बढ़ी सख्ती
राम मंदिर में कर्मचारियों के सत्यापन का फैसला ऐसे समय आया है जब जून 2026 में मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। Aaj Tak की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका का विवरण सामने आया।
पुलिस के अनुसार, मामले में सात आरोपियों के पास से करीब 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए, जबकि आठों आरोपियों के बैंक खातों में कुल करीब 98.30 लाख रुपये जमा होने की जानकारी जांच में सामने आई। पुलिस ने इस मामले में कुल 133 लोगों को गवाह बनाया है।
70 हजार पन्नों से ज्यादा की चार्जशीट
चढ़ावा चोरी मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में करीब 70 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस की चार्जशीट में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को आरोपी नहीं बनाया गया, बल्कि उन्हें मामले में गवाह के तौर पर शामिल किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में अन्य बदलाव भी
कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन के अलावा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में अन्य बदलाव भी किए जा रहे हैं। हाल ही में मंदिर में तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों के लिए ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी रोक की व्यवस्था लागू की गई है। सुरक्षा कर्मियों को आठ घंटे की शिफ्ट के दौरान मोबाइल जमा करना होगा और किसी आपात स्थिति में परिवार के सदस्य आधिकारिक सेवा केंद्र के माध्यम से उनसे संपर्क कर सकेंगे।
सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी और उपस्थिति की निगरानी के लिए फेस रीडिंग से हाजिरी जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की जा रही हैं। इससे ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की मौजूदगी और निर्धारित स्थान पर तैनाती की निगरानी की जा सकेगी।
ट्रस्ट ने कहा- मंदिर की व्यवस्था सुचारू
ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने PTI से बातचीत में कहा कि ट्रस्ट की ओर से लिए जाने वाले फैसले मंदिर से जुड़े सभी लोगों को स्वीकार्य होंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर में पूजा-अनुष्ठान और दर्शन की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
राम मंदिर प्रशासन की ओर से किए जा रहे इन बदलावों के बीच कर्मचारियों का 100 प्रतिशत पुलिस वेरिफिकेशन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाया गया एक अहम कदम है। अब मंदिर में काम करने वाले कर्मचारियों की पहचान, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी को प्रशासनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।


