एशियन गेम्स 2026: भारत ने 85 पदकों के साथ खत्म किया अभियान, 21 गोल्ड समेत चौथे स्थान पर रहा
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल जीते। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। चीन 341 पदकों के साथ पहले, जापान 269 के साथ दूसरे और दक्षिण कोरिया 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
भारत का कुल पदक आंकड़ा भले ही 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स के 106 पदकों के रिकॉर्ड से कम रहा, लेकिन आइची-नागोया में कई खिलाड़ियों और टीमों ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। करीब 500 भारतीय खिलाड़ियों के दल ने विभिन्न खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया।
क्रिकेट और हॉकी में डबल गोल्ड
भारत के लिए क्रिकेट और हॉकी दोनों में पुरुष और महिला टीमों ने गोल्ड मेडल जीते। पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। वहीं पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड जीता। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपना एशियन गेम्स खिताब डिफेंड किया और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालिफिकेशन हासिल किया।
महिला हॉकी टीम ने भी लंबे इंतजार को खत्म करते हुए फाइनल में चीन को 1-0 से हराया और 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस तरह भारत ने पहली बार एक ही संस्करण में पुरुष और महिला हॉकी दोनों में स्वर्ण पदक जीता।
आर्चरी में भारत का शानदार प्रदर्शन
आर्चरी भारत के सबसे सफल खेलों में शामिल रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने इस खेल में पांच गोल्ड समेत कुल आठ पदक जीते। 17 वर्षीय कुमकुम अनिल मोहोड ने महिला इंडिविजुअल रिकर्व में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
कुमकुम ने महिला रिकर्व टीम के साथ भी गोल्ड जीता। इसके अलावा चिकीथा तनिपार्थी ने कंपाउंड आर्चरी में दो गोल्ड जीतकर भारत के अभियान में अहम योगदान दिया। महिला कंपाउंड टीम और मिक्स्ड कंपाउंड टीम भी स्वर्ण जीतने में सफल रही।
बॉक्सिंग में भी भारत का जलवा
बॉक्सिंग में भारत को तीन गोल्ड मिले। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। उनके अलावा परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम वर्ग और अंकुश ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
लवलीना की उपलब्धि खास रही क्योंकि वह एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं।
शूटिंग में भी कई बड़ी उपलब्धियां
शूटिंग में भारत ने कई अहम पदक जीते। नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप में गोल्ड जीतकर भारत के लंबे इंतजार को खत्म किया। नीरू और कायनान चेनाई की जोड़ी ने मिक्स्ड ट्रैप टीम इवेंट में भी गोल्ड जीता। वहीं कमलजीत और सुरुचि सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में स्वर्ण पदक हासिल किया।
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा पदक
भारत के कुल पदकों में एथलेटिक्स का योगदान भी काफी बड़ा रहा। इस खेल में भारत ने कुल 24 पदक जीते, जिनमें एक गोल्ड, नौ सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज शामिल रहे। महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
सावन बरवाल ने मैराथन में 1982 के बाद भारत को पहला एशियन गेम्स पदक दिलाया और राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया। वहीं सर्वेश कुशारे ने पुरुष हाई जंप में लंबे समय से कायम भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
कुश्ती में अमन सहरावत का गोल्ड
कुश्ती में अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। सुजीत ने भी 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। अंतिम दिन भारत के गोल्ड मेडल की संख्या बढ़ाने में कुश्ती का अहम योगदान रहा।
गोल्फ में पहली बार गोल्ड
गोल्फ में भी भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत गोल्फ में भारत के लिए एशियन गेम्स का पहला गोल्ड मेडल जीता। महिला टीम ने सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया।
स्क्वैश में अनाहत सिंह ने रचा इतिहास
स्क्वैश में अनाहत सिंह ने महिला सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा। वह एशियन गेम्स में महिला सिंगल्स में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। भारत ने स्क्वैश के टीम इवेंट में भी पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल हासिल किए।
हांगझोउ के रिकॉर्ड से पीछे, लेकिन कई नए रिकॉर्ड
भारत ने 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में 106 पदक जीते थे, जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। आइची-नागोया में 85 पदकों के साथ भारत उस रिकॉर्ड से पीछे रहा, लेकिन इस बार कई खेलों में नए इतिहास बने।
भारत के 85 पदकों में 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल हैं। चारों ओर से मिले इन पदकों ने भारत को एशिया की शीर्ष खेल शक्तियों में बनाए रखा और कई युवा खिलाड़ियों ने आने वाले ओलंपिक तथा अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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