UP BC Sakhi Scheme: गांव-गांव बैंकिंग सेवा और महिलाओं को रोजगार, जानें कैसे काम करती है योजना
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को लोगों के घर और गांव के करीब पहुंचाने के लिए UP BC Sakhi Scheme चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिलाओं के लिए रोजगार और आजीविका का अवसर तैयार करना है। योजना को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) और ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
क्या है BC Sakhi योजना?
BC Sakhi का मतलब Banking Correspondent Sakhi है। इसके तहत खास तौर पर स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के तौर पर प्रशिक्षित और प्रमाणित किया जाता है। इसके बाद वे डिजिटल बैंकिंग उपकरणों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।
उत्तर प्रदेश में इस योजना का मॉडल “एक ग्राम पंचायत, एक बीसी सखी” के आधार पर तैयार किया गया है। योजना की शुरुआत मई 2020 में हुई थी और शुरुआती लक्ष्य राज्य की 58,000 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी उपलब्ध कराना था।
गांव में ही मिलती हैं बैंकिंग सेवाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कई बार बैंक की शाखा तक पहुंचने के लिए नजदीकी कस्बे या शहर जाना पड़ता है। इससे समय और आने-जाने का खर्च बढ़ता है। BC Sakhi मॉडल का उद्देश्य इसी समस्या को कम करना है।
गांव में उपलब्ध प्रशिक्षित बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के जरिए ग्रामीण ग्राहक कई तरह की बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। इससे खास तौर पर उन इलाकों में मदद मिलती है जहां बैंक की भौतिक शाखा दूर है या बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच सीमित है।
महिलाओं को दिया जाता है प्रशिक्षण
योजना से जुड़ने वाली महिलाओं को बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। UPSRLM के अनुसार, प्रशिक्षण के लिए Rural Self Employment Training Institutes (RSETIs) और अन्य चयनित केंद्रों का इस्तेमाल किया जाता है। बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के लिए छह दिन का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी संचालित किया जाता है।
प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को Indian Institute of Banking & Finance (IIBF) से प्रमाणन प्राप्त करना होता है। प्रमाणन के बाद वे बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर सकती हैं।
छह महीने तक मिलती है ₹4,000 की सहायता
BC Sakhi को शुरुआती दौर में अपना काम स्थापित करने में मदद देने के लिए छह महीने तक हर महीने ₹4,000 की सहायता दी जाती है। इसके बाद उनकी कमाई बैंकिंग लेन-देन पर मिलने वाले कमीशन से भी होती है।
UPSRLM के मुताबिक यह कमीशन सामान्य तौर पर लेन-देन की राशि का 0.20 से 0.32 प्रतिशत होता है और लागू व्यवस्था के अनुसार इसमें अंतर हो सकता है। योजना के तहत उपकरण और ओवरड्राफ्ट सहायता के लिए प्रति बीसी सखी ₹75,000 की व्यवस्था से संबंधित सरकारी आदेश भी जारी किए गए हैं।
योजना का कितना विस्तार हुआ?
उत्तर प्रदेश सरकार के 2026-27 के बजट दस्तावेज के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखियों ने काम करते हुए ₹39,000 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया और लगभग ₹107 करोड़ का लाभ अर्जित किया।
UPSRLM के मौजूदा पोर्टल पर 50,125 IIBF-certified BCs और 39,890 operational BCs दर्ज हैं। पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक इनके माध्यम से अब तक 16.9 करोड़ से अधिक बैंकिंग लेन-देन दर्ज किए गए हैं, जिनकी कुल राशि ₹4.58 लाख करोड़ से अधिक है।
महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया
UP BC Sakhi Scheme सिर्फ ग्रामीण बैंकिंग सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में काम करने और आय अर्जित करने का अवसर भी देती है। खासकर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए यह योजना वित्तीय सेवाओं और आजीविका के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाती है।
सरकार का मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने पर भी केंद्रित है। बैंकिंग सेवाओं को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने से ग्रामीण ग्राहकों को सुविधा मिलती है और बीसी सखियों को काम का अवसर मिलता है।
गांव की अर्थव्यवस्था में बढ़ रही भूमिका
BC Sakhi मॉडल के जरिए बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण समुदाय के करीब लाने की कोशिश की गई है। डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट गांव में रहकर ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध करा सकती हैं।
इस तरह UP BC Sakhi Scheme ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग और महिलाओं की आजीविका—तीनों क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने वाली योजना के रूप में काम कर रही है। योजना के विस्तार के साथ इसका उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के अवसर बढ़ाना है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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