गाजियाबाद में मुठभेड़ के बाद 50 हजार का इनामी वाहन चोर फरमान गिरफ्तार, 100 मुकदमों में है आरोपी
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच और लिंक रोड थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को मुठभेड़ के दौरान 50 हजार रुपये के इनामी अंतरराज्यीय वाहन चोर फरमान को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 100 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चोरी की फॉर्च्यूनर कार भी बरामद की है।
सूर्यनगर चौराहे पर चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, शनिवार को क्राइम ब्रांच और लिंक रोड थाना पुलिस की संयुक्त टीम सूर्यनगर चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने कार को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद मामला मुठभेड़ तक पहुंच गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने फरमान को गिरफ्तार कर लिया।
50 हजार रुपये का था इनाम
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी फरमान अंतरराज्यीय वाहन चोरी के मामलों में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी के खिलाफ गाजियाबाद के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
करीब 100 आपराधिक मुकदमों में नाम
एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना के अनुसार, फरमान के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 100 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह लिंक रोड और मधुबन बापूधाम थानों में दर्ज मामलों में भी वांछित था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर वाहन चोरी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
चोरी की फॉर्च्यूनर कार बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चोरी की फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वाहन चोरी की घटनाओं में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे और चोरी किए गए वाहनों को कहां खपाया जाता था।
पुलिस का कहना है कि फरमान की गिरफ्तारी से वाहन चोरी के मामलों की जांच में मदद मिल सकती है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुठभेड़ में दोनों पैरों में लगी गोली, साथी फरार
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में फरमान के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
जांच में यह भी सामने आया कि बरामद फॉर्च्यूनर कार दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके से चोरी की गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके साथी चोरी की गाड़ियों को दूसरे स्थानों पर ले जाकर उनके चेसिस नंबर बदलने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने के नेटवर्क से जुड़े थे। फरमान के पास से हथियार और कार चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब फरार साथी की तलाश करने के साथ-साथ वाहन चोरी के नेटवर्क और अन्य मामलों में आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।


