Ayodhya Ram Mandir FSSAI Certification: राम मंदिर को मिला ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ का प्रमाणपत्र
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि मंदिर के लिए एक और उपलब्धि सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ (Eat Right Place of Worship) का प्रमाणपत्र प्रदान किया है। यह मान्यता मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले भोजन से जुड़ी स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस प्रमाणपत्र का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित खाद्य व्यवस्था को बढ़ावा देना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने के बीच मंदिर में भोजन की सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
दो साल तक मान्य रहेगा प्रमाणपत्र
FSSAI की ओर से दिया गया यह प्रमाणपत्र 11 अक्टूबर 2026 से 10 अक्टूबर 2028 तक, यानी दो साल के लिए मान्य रहेगा। अयोध्या में आयोजित विशेष समारोह में FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजित पुन्हानी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को यह प्रमाणपत्र सौंपा।
इस मान्यता के लिए मंदिर परिसर में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता से जुड़े निर्धारित मानकों का आकलन किया गया। इन मानकों पर खरा उतरने के बाद मंदिर को यह प्रमाणपत्र दिया गया।
114 में से 103 अंक हासिल कर सर्वोच्च श्रेणी
खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के आकलन में राम मंदिर ने 114 में से 103 अंक हासिल किए। इस स्कोर के आधार पर मंदिर को ‘अति विशिष्ट’ श्रेणी में स्थान मिला है। यह मूल्यांकन प्रसाद तैयार करने, उसे सुरक्षित रखने और श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की व्यवस्था से जुड़े मानकों पर आधारित है।
इस पहल के तहत मंदिर में भोजन संभालने वाले कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि प्रसाद तैयार करने और वितरित करने के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
क्या है FSSAI की ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ पहल?
FSSAI की ‘ईट राइट प्लेसेज ऑफ वर्शिप’ पहल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर प्रसाद, भोग, लंगर और अन्य खाद्य पदार्थों की तैयारी तथा वितरण में साफ-सफाई और सुरक्षा के मानकों को बढ़ावा देना है। यह पहल खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन और श्रद्धालुओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर जोर देती है।
इस प्रक्रिया में परिसर की रसोई, खाद्य पदार्थों के भंडारण और भोजन परोसने की व्यवस्था का निरीक्षण किया जाता है। निर्धारित मानकों के अनुसार ऑडिट और प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमाणन दिया जाता है।
अयोध्या के अन्य धार्मिक स्थलों को भी मिला प्रमाणन
राम मंदिर के अलावा अयोध्या के पांच अन्य धार्मिक स्थलों को भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ा प्रमाणन दिया गया है। इनमें हनुमानगढ़ी, कनक भवन, एक जैन मंदिर और देवकाली मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं।
अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
राम मंदिर को मिला यह प्रमाणपत्र धार्मिक स्थलों पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। इससे श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले प्रसाद की तैयारी और वितरण में निर्धारित मानकों के पालन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


