Bahadurgarh Blast Case Secret Was Revealed From Diary Found In Lobby Of House Husband Killed Wife And Kids – Amar Ujala Hindi News Live

घर की लॉबी से पुलिस को मिली डायरी से खुला राज, अवसाद में था हरपाल
देर रात तक चली पुलिस की जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे। पुलिस को मकान में बनी लॉबी से एक डायरी मिली। जिसे खोलकर चेक किया गया तो हरपाल सिंह द्वारा लिखा गया कुल 12 पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें हरपाल ने लिखा है कि “मैं हरपाल सिंह निवासी सितारगंज (सुप्रिया कॉलोनी) हाल निवासी एलायंस सिटी वन रुद्रपुर, उत्तराखंड अपने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने वाला हूं। मेरी और मेरी हत्या का कारण मेरे जीजा व बहन व उनकी फैमिली निवासी सितारगंज, उधम सिंह नगर उत्तराखंड हैं, क्योंकि दलजीत सिंह ने मेरा घर जो मैंने इनको रहने के लिए दिया था। उसकी धोखे से रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली और जब मैंने पुलिस थाना सितारगंज में रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की तो मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई।”
‘मैंने अपने बच्चों को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन…’
सुसाइड नोट में हरपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2017 को मेरे बेटे जसकीरत का अपहरण भी इन्होंने करवाया था, तब भी इनके साथियों ने मिलकर मेरी भी इंक्वारी करवा दी थी और मैं कुछ नहीं कर पाया था। अब दो-तीन साल से इन्होंने मेरी हर जगह बदनामी की है कि मैंने इनसे 4 करोड़ रुपये लिए हैं। इन्होंने सब रिश्तेदारो और समाज में मुझे बदनाम कर दिया जबकि मैंने इनसे कोई पैसा नहीं लिया। जीजा दलजीत सिंह ने मुझको दिमागी तौर पर बहुत परेशान कर दिया है। इससे मेरी पत्नी व बच्चे बहुत ज्यादा परेशान हो गए हैं, इसलिए मेरा दो साल से पूरा परिवार अवसाद में है। मैंने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब दलजीत सिंह व उसके साथी मुझे और मेरे बच्चों को तंग करना चाहते हैं ताकि कोई केस की पैरवी न करे। अब मैं भाग-भाग कर थक गया हूं। मैंने अपने बच्चों को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मैं फेल हो गया हूं। पता नहीं ये कैसे मेरी लोकेशन पता कर लेते हैं।
‘मैंने सारे सबूत पेश किए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ’
मैं इस समय अपने आपको बहुत असहाय महसूस कर रहा हूं। इस मसले पर हमारी दो बार पंचायत भी हुई। मैंने सारे सबूत पेश किए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सुसाइड नोट में लिखा है कि दलजीत सिंह ने धोखे से अपनी पत्नी परविंद्र कौर के नाम मेरे मकान की रजिस्ट्री करवा ली है। उसकी ओरिजनल रजिस्ट्री मेरे नाम से है और वह बैंक ( यूनियन बैंक सितारगंज) मे 16 लाख के होम लोन के कारण रखी हुई है। उनके सारे कागजात फर्जी हैं। अब मैं 2 साल से मानसिक व सामाजिक तनाव झेल रहा हूं और इधर उधर भाग रहा हूं क्योंकि अगर मैं सितारगंज, रुद्रपुर गया तो वह मुझको मार सकते हैं। मेरा परिवार खत्म कर सकते हैं इसलिए मैं अपने परिवार सहित मौत को गले लगा रहा हूं। मेरी व मेरे परिवार की मौत के जिम्मेदार दलजीत सिंह, परविंदर कौर व उसकी फैमिली और उसके दोस्त हैं। अब हमारी जीने की इच्छा खत्म हो गई है और आपसे ( पुलिस एवं न्यायपालिका ) से आखिरी उम्मीद है कि आप न्याय करके सच को सामने लाएं।
